आगरा। प्रदूषण ने दमा-सांस और टीबी मरीजों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। जांच में इनके फेफड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही। इससे अस्थमा अटैक भी पड़ रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में पिछले 10 दिन में 34 मरीज भर्ती हुए, इनमें से पांच को अस्थमा अटैक पड़ा था।
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि 10 दिन से ताजनगरी देश के प्रदूषित टॉप 10 शहरों में शामिल है। इससे अस्थमा, सांस के मरीज दो से ढाई गुना तक बढ़ गए हैं। नए मरीजों के मुकाबले पुराने तीन गुना मरीज आ रहे हैं। इनका एक्सरे कराने पर फेफड़ों तक ऑक्सीजन कम मिल रही है, जिससे मरीज जल्दी-जल्दी सांस ले रहा है। घबराहट, सीने में जकड़न की परेशानी भी मिली। इनको दवाओं का डोज बढ़ाकर देना पड़ रहा है। अस्थमा के पुराने मरीजों में ऑक्सीजन की कमी से अटैक पड़ा। बीते 10 दिन में वार्ड फुल चल रहा है, इनमें से 23 मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है।
इन बातों का रखें ख्याल
- सोने से पहले गर्म पानी की भाप नियमित लें।
- गुनगुना पानी पीएं, गरारे भी कर सकते हैं।
- बाहर जाते वक्त मास्क-चश्मा लगाकर जाएं।
- अस्थमा के मरीज डॉक्टरी परामर्श से इन्हेलर का डोज बढ़वाएं।
- आसपास पानी का छिड़काव कर सकते हैं।
- धूल-धुआं से बचें, धूप खिलने के बाद ही टहलें।