यूपीपीसीबी के नोटिस से मैरिज होम संचालकों में रोष है। सोमवार को साकेत कॉलोनी स्थित उमंग मैरिज होम में वेडिंग एसोसिएशन की आकस्मिक बैठक हुई। यहां निर्णय हुआ कि यूपीपीसीबी के नोटिस का जवाब होटल एसोसिएशन की तर्ज पर विधिक कार्रवाई से दिया जाएगा। शहर में करीब 275, फतेहाबाद, बाह, खेरागढ़, किरावली व एत्मादपुर तहसील क्षेत्र में छोटे-बड़े 500 मैरिज होम हैं। इनके ऊपर प्रतिदिन 4689 रुपये के आधार पर 194 दिनों की 9.09 लाख रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाएगी। उप्र वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना नोटिस गैर कानूनी है। मैरिज होम साल में 30 से 40 दिन चलते हैं। इनमें भूजल दोहन या प्रदूषण नहीं होता। सभी मैरिज होम में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं।
आगरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश वाधवा ने विधिक कार्रवाई के बारे में मैरिज होम संचालकों को बताया। महासचिव महेश कर्दम ने कहा कि यह छोटे उद्योगों के खिलाफ साजिश है। पूर्व विधायक केशो मेहरा ने कहा कि विधिक कार्रवाई के आधार पर नोटिस का जवाब दिया जाए। संचालन एसोसिएशन महासचिव संदीप उपाध्याय ने किया। इस दौरान राजेश गोयल, विमल गोयल, विक्रांत शर्मा, तरुन अग्रवाल, रजत अग्रवाल, अशोक जुनेजा, रूपेश चौधरी, चंद्रवीर चौधरी आदि मैरिज होम संचालक मौजूद रहे।