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Agra News: दिवाली से पहले फूटा प्रदूषण बम, जहरीली हुई हवा

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शहर में खुदाई के कारण जगह-जगह वाहनों के आवागमन के दौरान धूल के गुबार उड़ते रहते है।फाइल फोटो अम
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आगरा। दिवाली से पहले ही धूल-धुआं के कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। जिले में फतेहपुर सीकरी और रोहता की हवा सबसे ज्यादा जहरीली है। सीकरी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 308 और रोहता में 238 दर्ज किया गया। इससे अस्थमा रोगियों की मुश्किलें बढ़ने के साथ ही स्वस्थ लोगों को भी सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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शहर में जगह-जगह लगने वाले जाम और सीएम ग्रिड की खुदी पड़ी सड़कों से उड़ रही धूल, निर्माण स्थलों पर उचित इंतजाम न किए जाने से हवा प्रदूषित हो रही है। सोमवार को शहर में सबसे ज्यादा खराब स्थिति शास्त्रीपुरम की रही। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 223 दर्ज किया गया।
धूल कणों की बात करें तो रोहता में पीएम 2.5 का स्तर 340, फतेहपुर सीकरी में 338 और शास्त्रीपुरम में 315 तक पहुंच गया। तीनों स्थानों पर धूल के अतिसूक्ष्म कण सामान्य से चार गुना तक पाए गए। बीते साल 2 नवंबर को रोहता में 122 और शास्त्रीपुरम में 149 एक्यूआई रहा था। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले एक्यूआई दोगुना हो गया है।
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कहां-कितना प्रदूषण
स्थान एक्यूआई
फतेहपुर सीकरी 308
रोहता 238
शास्त्रीपुरम 223
संजय प्लेस 177
मनोहरपुर 127
आवास विकास कॉलोनी 147
शाहजहां गार्डन 125


आंखों में जलन और नाक में खुजली

हवा में धूल-कार्बन तत्व बढ़ने से प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया है। एसएन मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजीशियन डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में लोगों को आंखों में जलन, पानी आने, किरकिराहट, नाक में खुजली, एलर्जी से बार-बार छींक आने की परेशानी हो रही है। अस्थमा, सांस, एलर्जी और टीबी के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के साथ ही विशेषज्ञों के पास मरीज बढ़ने लगे हैं।


बेअसर हैं पानी के छिड़काव के निर्देश
शहर में 12 किमी. लंबी सड़कों पर सीएम ग्रिड योजना के तहत खोदाई चल रही है। वहीं 30 किमी. हिस्से में मेट्रो के कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से धूल के गुबार उठ रहे हैं। 1 एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद भी शहर में पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। पार्षद बंटी माहौर ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना में मुख्यमंत्री की साख को बट्टा लगाया जा रहा है। ऐसी लापरवाही किसी योजना में नहीं बरती गई, जितनी सीएम ग्रिड में हो रही है।
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