मथुरा के सदर बाजार के मैथोडिस्ट चर्च के पास कैंटर ने बाइक सवार सिपाही को रौंद दिया। मौके पर ही सिपाही की मौत हो गई। सिपाही लक्ष्मीनगर से खाना खाकर पुलिस लाइन लौट रहा था। सूचना पर पहुंची सदर बाजार पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने कैंटर और चालक को पकड़ लिया। वहीं, परिवार में कोहराम मच गया। मथुरा पुलिस में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में सिपाही को अंतिम सलामी दी गई।
इटावा की शांति कॉलोनी निवासी प्रशांत बघेल (34) पुत्र अहिवरन सिंह 2011 बैच का सिपाही था। साल 2015 से मथुरा में तैनात सिपाही वर्तमान में सर्विलांस सेल में ड्यूटी कर रहा था। बुधवार की देर रात 11:40 बजे जमुनापार लक्ष्मीनगर से खाना खाकर सिपाही बाइक से पुलिस लाइन लौट रहा था। वह मैथोडिस्ट चर्च के पास पहुंचा ही था कि सामने से तेजगति से आ रहे कैंटर ने टक्कर मार दी। सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया गया है कि कैंटर चालक ने ट्रैक्टर को ओवरटेक करते सिपाही को रौंद दिया। मृतक का छोटा भाई विशाल बघेल भी साइबर सेल में तैनात है। उसकी तहरीर पर कैंटर चालक के खिलाफ थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह, एसपी देहात श्रीशचंद्र और सीओ लाइन राममोहन शर्मा ने सलामी दी। इसके बाद शव को परिजन इटावा ले गए। एसएसपी ने बताया कि सिपाही की मौत का पुलिस महकमे में शोक है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कैंटर और चालक पुलिस के कब्जे में हैं।
बैंक से अवकाश प्राप्त अहिवरन सिंह के तीन बेटे हैं। इनमें सबसे बड़ा प्रशांत बघेल था, जोकि साल 2011 बैच का सिपाही था। फिरोजाबाद के बाद मथुरा में साल 2015 से तैनात था। फिलहाल सर्विलांस सेल में तैनात सिपाही काफी मिलनसार और कार्य के प्रति मेहनती था। उससे छोटा विशाल बघेल हैं, जो कि साइबर सेल में सिपाही हैं। इन दोनों से छोटा भाई विकास है जो कि शिक्षक है। प्रशांत की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
मृतक सिपाही प्रशांत के दो बेटे श्रेयस (8) और समर (5) हैं। मौत की खबर ने पत्नी संजू का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस लाइन में रहने वाले प्रशांत का परिवार गर्मियों की छुट्टियों में इटावा गया था। उन्हें क्या पता था कि पीछे से प्रशांत की मौत की खबर आएगी। छोटे-छोटे बच्चे भी बार-बार अपने पापा के बारे में पूछ रहे हैं।