एटा में समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव व उनके परिवार के पांच लोगों पर डकैती और जानलेवा हमले की रिपोर्ट थाना अलीगंज में दर्ज की गई है। उनके ही गांव की एक महिला ने आरोप लगाए हैं। थाना अलीगंज में एसएसपी के आदेश पर शनिवार रात यह मुकदमा दर्ज किया गया।
थाना जसरथपुर क्षेत्र के गांव अमृतपुर निवासी सजला देवी पत्नी कश्मीर सिंह का आरोप है कि 2 जून को वह अपने पुत्र के साथ दवा लेने के लिए कस्बा अलीगंज जा रही थी। गांव अकबरपुर कोट के पास दो कारों में सवार जुगेंद्र सिंह यादव, इनके भाई रामनाथ, पुत्र पुष्पेंद्र, भतीजे विनोद, विक्रांत और प्रमोद ने पुत्र को पकड़कर अपहरण करने का प्रयास किया। किसी तरह बचकर वह भागा तो पुष्पेंद्र व विक्रांत ने अवैध असलहों से हत्या करने इरादे से तीन गोलियां चलाई, इसमें वह बाल-बाल बचा। महिला का आरोप है कि रामनाथ यादव ने बाल पकड़ कर उसे जमीन पर गिरा दिया और अभद्रता की। चीख-पुकार मचाने पर राहगीर एकत्र हो गए। इसके बाद सभी लोग पर्स में रखे सात हजार रुपये लूट कर धमकी देते हुए चले गए। इससे पहले दूसरे मामले में बीते 16 सितंबर को सीजेएम कोर्ट से जुगेंद्र सिंह, उनकी पत्नी जिपं अध्यक्ष रेखा यादव, भाई पूर्व विधायक रामेश्वर सहित अन्य परिजनों के गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। कोतवाली नगर में सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले में यह आदेश दिया गया था।
पहले भी हुआ था हमला, तोड़ा था पैर
सजला देवी का कहना है कि उसने जुगेंद्र आदि के विरुद्ध सरकारी जमीनों पर कब्जे, शस्त्र लाइसेंस, स्कूल, ईंट भट्ठे आदि की शिकायत शासन-प्रशासन से की थी। जिस पर 25 मई 2019 को रामनाथ यादव ने उस पर जानलेवा हमला कराया था। जिसमें उसका पैर टूट गया था। मामले की रिपोर्ट थाना जसरथपुर में दर्ज कराई थी।
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