पुलिस भर्ती परीक्षा देने आईं महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पति ने हौसला दिया है। वर्दी के लिए सात फेरों का बंधन रोड़ा नहीं बना, बल्कि सुहाग ने जिस तरह साथ दिया वो काबिले तारीफ है।
आगरा में पुलिस भर्ती परीक्षा में सात फेरों का बंधन भी युवतियों के लिए रोड़ा नहीं बन सका। परीक्षा देने आईं तो पति भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। तैयारी से लेकर केंद्र के बाहर साथ निभाने में आगे रहे। पत्नियों का कहना था कि घर ही नहीं, वर्दी पहनकर देश की सेवा करेंगी। अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाएंगी।
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छावनी स्थित एनसी वेदिक इंटर कॉलेज पर फतेहपुर सीकरी की डॉली परीक्षा देने आई थीं। उन्होंने बताया कि वह पुलिस में भर्ती होना चाहती थीं। मगर, शादी कर दी गई। ससुराल आने पर पति को बताया। उन्होंने साथ दिया। कहा कि तैयारी करती रहो। भर्ती निकलने पर आवेदन कर देना। इस पर वो तैयारी में लग गईं। पति प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित पुस्तक भी लेकर आते थे। वो जब भी समय मिलता था, पढ़ाई करती थीं। एक बच्चा भी है। रविवार को परीक्षा दिलाने के लिए पति भी साथ आए थे। वह बच्चे को संभाल रहे थे।
कुछ यही कहना अर्जुन नगर की दिव्या का भी था। वह स्नातक पास हैं। उन्होंने बताया कि शादी से पहले से ही सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थीं। पुलिस में भर्ती निकली तो पति को बताया। उन्होंने साथ दिया। ससुराली भी राजी हो गई। उनका कहना था कि बेटियां किसी से कम नहीं है। वर्दी भले ही तुम संभाल लेना। घर में हम संभाल लेंगे।
सिकंदरा की कल्पना ने बताया कि उसकी शादी को दो साल हो गए हैं। एक बच्चा भी है। मगर, वह तैयारी कर रही थी। पति, सास-ससुर ने कहा था कि प्रयास करती रहो। सफलता जरूर मिलेगी। पुलिस में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहती हैं। आजकल महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी थाने में आफिस कार्य के साथ अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ तक में लग रही हैं।
परिवार का नाम करेंगी रोशन
कुबेरपुर की रंजना ने पहली बार पुलिस भर्ती की परीक्षा दी। उनका कहना था कि परिवार और गांव में कई लोग पुलिस में हैं। इस कारण वो भी पुलिस में भर्ती होना चाहती हैं, जिससे परिवार का नाम रोशन कर सकें। इसी तरह सेवला की पलक तिवारी का कहना था। वह पहली बार परीक्षा देने आई थीं। उन्होंने बताया कि पेपर आसान था। कुछ सवालों ने जरूर परेशान किया।