फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा: 43 लाख की लूट के आरोपी अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी, जेल में बंद हैं आरोपी

Fri, 26 Nov 2021 10:26 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में 43 लाख रुपये की लूट के मामले में जीएसटी के दोनों निलंबित अधिकारियों समेत सात आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है। 
विज्ञापन
जीएसटी के निलंबित अधिकारी अजय कुमार और शैलेंद्र कुमार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में मथुरा के चांदी कारोबारी से 43 लाख रुपये की लूट के केस में पुलिस ने चार्जशीट की तैयारी कर ली है। मामले में जीएसटी के निलंबित दो अधिकारियों सहित सात आरोपियों को जेल भेजा गया था। केस में सरकारी कर्मचारियों के आरोपी होने के कारण शासन से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही चार्जशीट लगा दी जाएगी।

विज्ञापन


मथुरा के गोविंद नगर निवासी चांदी कारोबारी प्रदीप अग्रवाल 30 अप्रैल को बिहार से लौट रहे थे। एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद टोल पर उनकी कार को रोक लिया गया था। जीएसटी अधिकारी कारोबारी को जयपुर हाउस स्थित कार्यालय पर लेकर आए थे। आरोप था कि कारोबारी के पास रखे 43 लाख रुपये लूट लिए गए थे।

12 मई को दर्ज हुआ था मुकदमा 
12 मई को थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें असिस्टेंट कमिश्नर अजय कुमार, अधिकारी शैलेंद्र कुमार, सिपाही संजीव कुमार, निजी गाड़ी चालक दिनेश के नामों की वृद्धि की गई थी। चारों आरोपी जेल में बंद हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बाद में पुलिस ने दलाल मुकेश को पकड़ा था। मुकेश जीएसटी अधिकारियों का दलाल था। उसकी गिरफ्तारी के बाद कारोबारी का चालक राकेश सिंह चौहान और गया प्रसाद शर्मा पकड़े गए। गया प्रसाद दलाल मुकेश का साथी था। वह उसके साथ कारोबारी का पीछा कर रहा था।

लूट के 40.48 लाख रुपये नहीं हुए बरामद
पुलिस ने आरोपियों से 2.52 लाख रुपये बरामद किए थे। लूट 43 लाख रुपये की हुई थी। ऐसे में सवाल है कि लूट की रकम के 40.48 लाख लाख रुपये कहां गए, पुलिस आज तक यह रकम बरामद नहीं कर सकी है। 

सीओ सदर ने की थी जांच
केस की विवेचना सीओ सदर राजीव कुमार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि केस में सभी आरोपियों को जेल भेजा गया है। केस में कार्रवाई पूरी कर ली गई है। अब चार्जशीट लगाई जाएगी। अधिकारियों को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है। मगर, सरकारी कर्मचारी होने के कारण चार्जशीट से पहले शासन से अनुमति मांगी जाती है। अनुमति मिलते ही चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी जाएगी।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें