आगरा में दयालबाग के चिकित्सक अरुण कुमार के खाते से 73 लाख रुपये निकालने वाले साइबर अपराधी आठ महीने बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस की जांच में पता चला था कि आरोपियों ने रकम ट्रांसफर करने और कॉल पर बात करने के लिए जिन सिम का इस्तेमाल किया, वो झारखंड और पश्चिम बंगाल की थीं। आरोपियों की लोकेशन भी वहीं की आई थी। पुलिस टीम भी दोनों राज्यों में गई, लेकिन गिरफ्तारी नहीं कर सकी।
- जुलाई 2021 को पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए फालोअर को ट्रेजरी अफसर बनकर कॉल किया गया था। फंड का भुगतान दिलाने के नाम पर खाते की जानकारी लेकर 15 लाख रुपये निकाल लिए थे।
- वर्ष 2021 में ही ट्रेजरी अफसर बनकर सेवानिवृत्त दरोगा को कॉल किया गया था। उनसे जानकारी ले ली गई थी। ओटीपी पूछकर नेट बैंकिंग चालू की गई। इसके बाद खाते से सात लाख रुपये से अधिक निकाले गए थे।
- वर्ष 2020 में फायर सर्विस कर्मी सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें भी कॉल किया गया था। इसके बाद खाते से 27 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। उन्होंने मुकदमा भी दर्ज कराया। रकम वापस नहीं हुई।