हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर निकाह किया जाता था, इसके बाद उन्हें विदेश में ले जाते थे। धर्मांतरण गिरोह की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा अब तक हुआ है। अब पुलिस गिरोह के विदेशी सरगना पर शिकंजा कसने जा रही है।
धर्मांतरण गिरोह के विदेशी सरगना सैयद दाऊद अहमद पर पुलिस शिकंजा कसने जा रही है। उसे थाना सदर क्षेत्र की सगी बहनों के धर्म परिवर्तन कराने के मामले में आरोपी बनाया गया है। वह भोपाल (मध्य प्रदेश) का रहने वाला है। वर्तमान में कनाडा में रह रहा है। पुलिस ने उसके घर में दबिश दी थी। मगर पिता के अलावा और कोई नहीं मिला। अब पुलिस ने कुर्की उद्घोषणा के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है।
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मार्च 2025 में दो सगी बहनों के धर्मांतरण का मामला सामने आया था। पुलिस टीम ने जुलाई में गिरोह का खुलासा करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुलासे पर पुलिस आयुक्त की पीठ थपथपाई थी। कोलकाता से पीड़ित बहनों को पुलिस लेकर आई थी। गोवा की आयशा भी पकड़ी गई थी।
पुलिस के मुताबिक, वह गिरोह में मुख्य भूमिका निभा रही थी। दिल्ली का अब्दुल रहमान भी गिरोह के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रहा था। कई आरोपी सरगना सैयद दाऊद के संपर्क में थे। पुलिस को सोशल मीडिया एकाउंट पर उसकी कई पोस्ट भी मिली थीं जिसमें उसने देश विरोधी बातें कहीं थीं। वहीं आरोपियों से चैट के भी साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। वह मुख्य रूप से गिरोह को आर्थिक मदद कर रहा था।
इस वजह से पुलिस ने भोपाल के रायसेन रोड, लाला लाजपत राय काॅलोनी निवासी सैयद दाऊद अहमद को भी आरोपी बनाया। वह एक साल से कनाडा में रह रहा है। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। 6 अक्तूबर और 26 दिसंबर 2025 को आरोपी के घर में दबिश दी थी। पिता के अलावा कोई नहीं मिला। उसके पिता ने यही कहा कि कनाडा से बेटा नहीं आता है। आशंका है कि वह अपनी संपत्ति को खुदबुर्द कर सकता है। इसलिए विवेचक ने कुर्की कराने के लिए कोर्ट में प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एजेंट की मदद से पहुंचाता था रकम
एडीसीपी क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपी सैयद दाऊद के खिलाफ कई साक्ष्य मिल चुके हैं। वह गिरोह को फंडिंग कर रहा था। ऑनलाइन रकम भेजा करता था। भारत में बैठे उसके एजेंट रकम को भारतीय करेंसी में बदलवा लेते थे। इसे अलग-अलग जगह पर भेज दिया जाता था। इसके बाद धर्मांतरण में इस्तेमाल किया जाता था। सैयद दाऊद की सोशल मीडिया एकाउंट पर देश विरोधी कई पोस्ट भी मिली हैं। आशंका है कि उसे पाकिस्तान सहित अन्य देश के लोग फंडिंग कर रहे थे। आरोपी के खिलाफ गृह मंत्रालय को भी रिपोर्ट दी जाएगी जिससे उसको प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा सके।
मानव अंग की तस्करी से भी जुड़े तार
धर्मांतरण गिरोह के तार मानव अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह से भी जुड़े होने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को दी थी। मानव अंगों को दूसरे देशों में बेचा जाता था। कई लोगों के नाम सामने आए थे। हालांकि गिरफ्तारी किसी की भी नहीं हो सकी थी। इस पर पुलिस की जांच जारी है।