मैनपुरी। जिले में भी पुलिस पर कई बार बदमाश हमला कर चुके हैं। एक माह में करीब 10 से अधिक पुलिस मुठभेड़ की वारदात हो चुकीं हैं, जिनमें कई शातिर अपराधी भी पकड़े जा चुके हैं।
बीते एक माह में 15 से अधिक हिस्ट्रीशीटर, इनामी व वांछित अपराधी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। एसपी अजय कुमार पांडेय की ओर से ऑपरेशन शिकंजा, ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
वर्ष 2005 में बरनाहल थाने में तैनात सिपाही राजेश यादव ने सूचना पर एक बाइक सवार तीन बदमाशों की तलाशी ली थी। जब वह एक बाइक पर दो बदमाशों को लेकर थाने जा रहे थे, तभी रास्ते में बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2012 में दीवानी में पेशी पर लाए गए एक बंदी ने सिपाही अजय यादव को वैन में बैठा लिया था। इसके बाद गोली मारकर हत्या करने के बाद फरार हो गया था। वर्ष 2016 में किशनी के गांव बरिहा में हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था। हमले में एसओ गोली लगने से घायल हो गए थे। वर्ष 2017 में थाना घिरोर क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर नीरज यादव को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था। हमले में एक दरोगा व सिपाही गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।