आगरा पुलिस आयुक्त का सिटीजन चार्टर पर जोर है। मगर, थाना पुलिस का ढर्रा नहीं बदल रहा है। इलेक्ट्रिक बस में सफर के दौरान ट्रॉली बैग से लाखों की चोरी के मामले में पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। इस पर पीड़ित ने दो दिन की कवायद के बाद चार संदिग्ध चोरों को ढूंढ निकाला। चोर पकड़े जाने पर पुलिस ने पीठ थपथपाने के लिए केस दर्ज कर लिया।
रंजीतपुरा, सैंया निवासी दीपक का गुजरात में आइसक्रीम का काम है। उन्होंने बताया कि वह 10 मार्च को पत्नी ऊषा और एक साल के बेटे के साथ ट्रेन से आए थे। 11 की सुबह 8 बजे आगरा कैंट स्टेशन पर उतरे, बिजलीघर ऑटो से पहुंचे। वहां से खेरागढ़ की इलेक्ट्रिक बस में बैठ गए। एक बड़ा ट्रॉली बैग था, जिसे कंडक्टर ने पीछे की सीट पर रखने के लिए बोल दिया। बताया कि कैमरे लगे हैं, चिंता की बात नहीं है।
दीपक ने बताया कि वह तीनों आगे की सीट पर बैठे थे। सुबह 9:40 बजे खेरागढ़ पहुंचे। ट्राॅली बैग को छोटा पर्स निकालने के लिए खोला तो वो कटा था। पर्स नहीं था, पर्स में चेन, अंगूठी, झुमके सहित लाखों के जेवरात और 50 हजार रुपये रखे थे। पत्नी रोने लगीं। वह किसी तरह घर पहुंचे। थाना सैंया पर जाकर जानकारी दी। मगर, पुलिस ने थाना रकाबगंज भेजा। वहां से फोर्ट चौकी पर आए। मगर, यहां पुलिस ने मामला सैंया का बता दिया। कार्रवाई नहीं हुई।
पैर से खिसकाया, दाढ़ी वाले ने काटा
उन्होंने बताया कि बस का नंबर लेकर वह टेढ़ी बगिया स्थित चार्जिंग स्टेशन पहुंचे। बस में कैमरे लगे थे। फुटेज में दिखा कि चोरों की संख्या 8 से 9 थी। वह बैग को पैरों के सहारे अपने पास ले आए। इसके बाद एक दाढ़ी वाले चोर ने मुंह से ब्लेड निकालकर बैग को काटकर पत्नी का पर्स निकाल लिया। पर्स साथी को दे दिया। अन्य घेराबंदी करके खड़े रहे। फुटेज देखने के बाद उन्होंने बिजली घर, सैंया और खेरागढ़ तक बस में बैठकर तलाश की। बृहस्पतिवार को 4 संदिग्ध पकड़ लिए। उनका चेहरा फुटेज से मिल रहा था। उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
सरगना भाग निकला
एसीपी सदर पियूष कांत राय ने बताया कि उत्तराखंड के तस्लीम, रामपुर के शहादत अली, मुरादाबाद के कमल हसन और फरजंद को पकड़ा है। उनका सरगना फरार है। पुलिस ने पूछताछ की है। पता चला कि वह झुंड बनाकर बस में सवार होकर वारदात करते हैं। केस दर्ज न करने के संबंध में जांच कराई जा रही है।