डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि हीरालाल की प्याऊ, रुनकता में पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी एक खाली ट्रक नजर आया। चालक केबिन में देखा तो एक गेट बना हुआ था। उसे खोला गया तो केबिन और बाडी के बीच में एक चैंबर बना था। इसमें प्लास्टिक के बैग को टेप और कागज लगाकर पैक किया गया था। बैग को खोला गया तो उसमें गांजा बरामद हुआ। इनका वजन तकरीबन 494 किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गांजे की कीमत तकरीबन 3 करोड़ रुपये है।
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गिरफ्तार आरोपियों में गाजियाबाद निवासी मोहम्मद अफसार, पिनाहट निवासी धर्मा उर्फ धर्मपाल, पश्चिम बंगाल के नार्थ 24 परगना निवासी प्रसन्नजीत मित्र हैं। उन्होंने पूछताछ में पिनाहट निवासी राहुल, रंजय, अनिल शर्मा, गाजियाबाद निवासी अंजुम, जाकिर और आंध्रप्रदेश के दिलीप के नाम बताए हैं। यह सभी लोग गांजे की तस्करी में शामिल हैं। आरोपियों से ट्रक, एक कार, 7 मोबाइल आदि बरामद किए गए।
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कार से आगे चलकर करते हैं रेकी
डीसीपी सिटी के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि अफसार अपने साथी अनिल शर्मा के साथ मिलकर 2 साल से गांजे की तस्करी कर रहा है। उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से गांजा लाते हैं। उन्हें 3 हजार रुपये प्रति किलोग्राम में मिल जाता है। लोनी निवासी अंजुम व जाकिर बिक्री कर देते हैं। वह 10 से 15 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से ले लेता है। आरोपी धर्मपाल ने बताया कि वह पिनाहट में अनिल के घर के पास रहता है। वह वाहन और मजदूर उपलब्ध कराता है। गांजे की बिक्री फुटकर में आगरा के साथ ही मथुरा में होती है। पुलिस से बचने के लिए ट्रक को खाली रखते हैं। कार में बैठे साथी आगे-आगे चलते हैं। पुलिस चेकिंग मिलने पर ट्रक को रोक देते हैं।
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