नाबालिग किशोरों के साथ पीड़ित परिवार (फाइ)
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आगरा के शाहगंज क्षेत्र के सराय ख्वाजा में चोरी के शक में नाबालिगों को बंधक बनाकर यातनाएं देने के आरोपी पानी के प्लांट के मालिक अबरार और उसके तीन भाइयों को पुलिस ने मंगलवार को जेल भेज दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल युवक का पुलिस एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रही है।
ताजगंज के तेलीपाड़ा निवासी रिक्शा चालक निजाम का परिवार सराय ख्वाजा में किराये पर कमरा लेकर रहता है। वो मोहल्ले के अबरार के पानी के प्लांट पर रिक्शा चलाता था। निजाम का आरोप था कि अबरार के यहां चोरी हुई थी।
इसका शक अबरार उसके 12 साल के बेटे आमिर पर कर रहा था। उसे कमरे में बंद करके यातनाएं दी थीं। करंट लगाकर पीटा था। मोमबत्ती से जलाया था। इसके अलावा बड़े बेटे सोनू को भी पीटा था। पत्नी, बहू और छोटे बेटे समीर को भी बंधक बना लिया था। एक अन्य किशोर मोहनिस की भी पिटाई लगाई थी।
पांच आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ है मुकदमा
रविवार सुबह नौ बजे समीर ने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने परिवार को मुक्त कराया था। मामले में प्लांट मालिक अबरार उसके भाइयों मोहसिन, जुबैर, नदीम समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने सोमवार की शाम को ही चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए। थाना प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र सिंह राघव ने बताया कि आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
थाना शाहगंज प्रभारी ने कराया इलाज
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र सिंह राघव ने बताया कि घायल सोनू को आरोपी पक्ष ने निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था, लेकिन परिवार के पास इलाज के लिए रुपये नहीं थे। इस पर निरीक्षक ने सोनू को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। इसके साथ ही उसकी दवा का इंतजाम कराया गया।
चाइल्ड लाइन टीम पहुंची
पीड़ित परिवार से मंगलवार को चाइल्ड लाइन की टीम मिलने पहुंची। चाइल्ड लाइन की समन्वयक ऋतु वर्मा ने बताया कि बालक के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की जानकारी जिला प्रोबेशेन अधिकारी और बाल कल्याण समिति को भी दी गई है। बालक की हालत देखते हुए उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। परिवार के पास राशन नहीं था। इस पर राशन भी दिलवाया गया है।
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