22एमएनपी-12-मुठभेड़ की सूचना पर मौक पर पहुंचे एसपी अशोक कुमार।
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मैनपुरी। कोतवाली क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर अपने साथी के साथ किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में असलहा लेकर घूम रहा था। लेकिन इस बारे में कोतवाली पुलिस को भनक तक नहीं थी। मुठभेड़ की सूचना वायरलेस के जरिये दी गई, लेकिन मुठभेड़ खत्म होने तक चौकी इंचार्ज नदारद रहे।
शासन और अधिकारियों के कड़े निर्देश के बाद भी कोतवाली पुलिस अलर्ट नजर नहीं आ रही है। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले कुछ दिन पूर्व दीवानी रोड पर बदमाशों से स्वॉट टीम की मुठभेड़ हो रही थी, लेकिन जब बदमाश पकड़ा गया और एसपी मौके पर पहुंच गए तब कोतवाली पुलिस को जानकारी हुई। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। स्वॉट टीम ने दो लुटेरों की घेराबंदी कर रही थी, दोनों ओर से फायरिंग हो रही थी। वायरलेस सैट लगातार सूचना दे रहा था, इस बीच सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली अनिल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए, एसपी अशोक कुमार राय, सीओ अपराध चंद्रकेश सिंह भी मौके पर आ गए। लेकिन चौकी इंचार्ज सिविल लाइन मुठभेड़ खत्म होने तक नदारद रहे। इतना ही नहीं भागे हुए बदमाश की तलाश के लिए चौराहों पर चेकिंग के निर्देश दिए गए, लेकिन चेकिंग भी नहीं हुई।
कौन था लुटेरों का निशाना
स्वॉट टीम से मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए बदमाश व उसके साथी का निशाना कौन थे। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। एसपी द्वारा पकड़े गए लुटेरे से पूछा गया तो उसने बताया कि वह साथी पुष्पेंद्र के साथ वारदात के लिए ही यहां आया था। उसे साथी ने बुलाया था, वारदात किसके साथ करनी थी। इस बारे में साथी ही जानता है। उनके द्वारा क्षेत्र में कई वारदात अंजाम दी गई हैं।