उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर का इंतजाम करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को थाना हरीपर्वत पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों काफी समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर उपलब्ध कराते हैं या फिर खुद सॉल्वर बनते हैं। पकड़े गए युवक पुलिसकर्मियों के संपर्क में भी हैं। ये पुलिसकर्मी सॉल्वर बनकर परीक्षाएं देते हैं। छात्रों से मनमानी पैसा वसूलते थे। अब पुलिस ऐसे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध साक्ष्य जुटा रही है। ताकि, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
वहीं अरुण यादव जनसेवा केंद्र संचालक है। वह कंप्यूटर की मदद से फर्जी प्रपत्र तैयार किया करता था। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि कई सिपाही आरोपी मनीष कुमार के संपर्क में हैं। वह एक परीक्षा में उन्हें एक से डेढ़ लाख रुपये तक देकर दूसरे की एवज में परीक्षा दिलवाता है। परीक्षा देने के लिए सिपाही छुट्टी लेकर आते हैं। उन्होंने कुछ सिपाहियों के नाम व पते भी पुलिस को बताए हैं।
जिले के विभिन्न केंद्रों पर फरवरी में आयोजित की गई उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में 25 सॉल्वर पकड़े गए थे। इनमें बिहार के भी तीन सॉल्वर शामिल थे। दो पुलिसकर्मी भी गिरफ्तार करके जेल भेजे गए थे। अब पुलिस दोबारा से इन परीक्षाओं में बैठने वाले आरोपियों का ब्योरा खंगाल रही है।