15 हजार में बेचते थे चोरी की बाइक
प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी सतेंद्र मास्टर माइंड है। वह मास्टर चाबी से बाइक का ताला खोल लेता है। इसके बाद चेसिस नंबर को घिस देते हैं, जिससे पकड़े जाने पर मालिक का पता नहीं चलता है। उस पर किसी अन्य बाइक का नंबर डालकर चलाते हैं। चोरी की बाइक को दस से 15 हजार रुपये में बेचते हैं।
गैंग ने एक महीने पहले संजय प्लेस से यामाहा बाइक चोरी की थी। यह पुलिस ने बरामद कर ली। सत्येंद्र ने आर-15 बाइक का चेसिस नंबर बदल दिया था। इस पर पुरानी बाइक का नंबर लिखकर चला रहा था। सतेंद्र पर लूट, गैंगस्टर समेत नौ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों की उम्र 20 से 25 साल है। वह चोरी की बाइक को बेचकर अपने शौक पूरे करते हैं। ब्रांडेड कपड़े और जूते पहनते हैं।