1949 में बना था यह स्टेशन
आजादी के कुछ समय बाद ही 1949 में इस रेलवे स्टेशन को बनाया गया था। वर्ष 1953 में एटा निवासी रेल राज्यमंत्री रोहनलाल चतुर्वेदी ने जिले को एटा-टूंडला पैसेंजर ट्रेन की सौगात दी। लेकिन इसके बाद रेल का सफर ठहर गया। ट्रेन बढ़ाने और लाइन विस्तार की मांग चलती रही।
गांव बढ़ौली निवासी एनएम धर्मवेदी ने बताया कि प्लेटफॉर्म टिकट की व्यवस्था यहां लागू है, इसकी जानकारी हमें नहीं है। किसी ने आज तक इसके लिए टोका भी नहीं। रविकांत ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। ऐसे में कोई प्लेटफॉर्म टिकट क्यों खरीदे? चेकिंग का भी डर नहीं होता।
स्टेशन अधीक्षक विजय सिंह वर्मा ने कहा कि आज तक स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट नहीं बिका है। दबाव दिए जाने पर लोग लड़ने को आमादा हो जाते हैं। जीआरपी थाना प्रभारी प्रताप सिंह ने कहा कि स्टेशन और प्लेटफॉर्म चारों ओर से खुला हुआ है, जिसके चलते चेकिंग मुश्किल है। हालांकि यह काम भी रेलकर्मियों का है।