टीटीजेड में सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन पर प्रतिबंध के बावजूद शराब ठेकों से लेकर सब्जी की ठेल-ढकेल तक इसकी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। पिछले पांच साल से प्रतिबंध लागू होने के बावजूद कार्रवाई केवल जब्ती और जुर्माने तक सीमित है। थोक विक्रेताओं और भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं।
ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में कागजों में प्रतिबंधित प्लास्टिक-पॉलिथीन पर रोक हैए जबकि धरातल पर धड़ल्ले से पॉलिथीन का कारोबार हो रहा है। शराब ठेकों से सड़कों पर खड़ी सब्जियों की ठेल-ढकेल तक प्रतिबंधित पॉलिथीन बिक रही है। जिम्मेदार आंखें मूंदे हुए हैं।
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आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा और भरतपुर तक पिछले पांच साल से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक है। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने इस संबंध में संबंधित नगर निगम-नगर पालिकाओं और जीएसटी अधिकारियों की जवाबदेही तय की थी। लेकिन, कार्रवाई सिर्फ जुर्माना और जब्ती तक सीमित रही। प्लास्टिक गिलास, पॉलिथीन के थोक विक्रेता और भंडारण पर कार्रवाई नहीं होने से शहर से गांव तक पॉलिथीन की बिक्री हो रही है।
जन प्रहरी संस्था के संयोजक नरोत्तम सिंह ने बताया कि पॉलिथीन पर रोक नहीं लगने की मुख्य वजह नगर निगम और जीएसटी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार है। पॉलिथीन की बिक्री और भंडारण करने वालों को अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। वहीं, इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष बंसल का कहना है कि पॉलिथीन पर प्रतिबंध की समीक्षा की जाएगी। जनसहभागिता से पॉलिथीन का इस्तेमाल रोका जाएगा।