इन विभागों पर जिम्मेदारी
| विभाग |
कुल लक्ष्य |
आज रोपेंगे |
| वन विभाग |
14.61 लाख |
10.44 लाख |
| ग्राम्य विकास |
20.05 लाख |
14.37 लाख |
| पंचायती राज |
2.46 लाख |
1.77 लाख |
| उद्यान विभाग |
2.39 लाख |
1.71 लाख |
| नगर विकास |
2.49 लाख |
1.79 लाख |
| कृषि विभाग |
4.00 लाख |
2.82 लाख |
| राजस्व विभाग |
2.16 लाख |
1.54 लाख |
| अन्य विभाग |
3.16 लाख |
2.27 लाख |
10 फीसदी भी बन बचे पौधे
ताजनगरी में बीते साल 46 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 10 फीसदी पौधे भी नहीं बचे। वन विभाग ने अपने वन ब्लॉक में पौधे लगाकर देखरेख कर ली, पर अन्य 25 विभागों का रिजल्ट बेहद खराब रहा। इनमें नगर निगम, उच्च शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, राजस्व, रेलवे, पर्यावरण, लोक निर्माण विभाग के लगवाए गए पौधे बहुत कम बच पाए। फेंसिंग न होने, ट्री गार्ड न लगाने और पूरे साल देखरेख न होने के कारण पौधे जीवित नहीं रहे।
यह बेहतर समय
डीएफओ अखिलेश कुमार पांडे ने बताया कि आगरा में मानसून की बारिश हो चुकी है। पांच दिनों में से लगातार चार दिन बारिश होने से मिट्टी में नमी आ चुकी है। जो गड्ढे खोदे जा चुके हैं, वह भी पूरी तरह से नम हो चुके हैं। यह सबसे बेहतर समय है, जबकि नए पौधे मिट्टी में पकड़ बना लेंगे। बीते वर्षों में पौधरोपण अभियान तब चला, जब केवल एक ही बारिश हुई थी। मिट्टी सूखी होने और फिर दोबारा बारिश होने के बीच 15 से 20 दिन का लंबा इंतजार हो गया, जिससे पौधे पनप नहीं पाए।