फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हुआ ठप, नहीं होगा सीवेज का शोधन

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। शहर के पॉवर हाउस रोड स्थित जल निगम कार्यालय परिसर में लगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद हो गया है। उपकरणों के खराब होने और संचालन के लिए कर्मचारी न होने से कार्य ठप है। इससे घरों से निकलने वाला सीवेज बिना शोधित किए सीधा ईशन नदी में बहाया जा रहा है।
विज्ञापन

घरों से निकलने वाले सीवेज को शोधित करने के लिए जलनिगम कार्यालय परिसर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया था। बीते एक साल से इसके संचालन पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। संचालन करने वाली कंपनी के भाग जाने के बाद से जल निगम इसे चला रहा था। निगम के पास न तो कर्मचारी हैं और न ही धनराशि। ऐसे में निगम ने इसके संचालन का जिम्मा नगर पालिका को सौंप दिया। बीते सप्ताह यह प्लांट बंद हो गया, जिससे सीवेज का शोधन रुक गया है। प्लांट पर प्रतिदिन लगभग पांच लाख लीटर सीवेज का शोधन किया जाता था। यह सीवेज अब बिना शोधित किए ईशन नदी में बहाया जा रहा है। जल निगम ने कई बार शासन को इसके संचालन के लिए धनराशि भेजने या संस्था नामित करने के लिए पत्र भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
----
मशीनें भी हो चुकी हैं खराब
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में सीवेज पंप करने से लेकर कचरा निस्तारण समेत अन्य कार्यों के लिए मशीनें लगी हुई हैं। वर्तमान में अधिकांश मोटर व उपकरण खराब हो चुके हैं। इससे प्लांट का संचालन मुश्किल है। इसके लिए इन मशीनों की मरम्मत करानी होगी।
विज्ञापन

----
वर्ष 2008 में हुआ था निर्माण
शासन द्वारा वर्ष 2008 में एसटीपी का निर्माण कराया गया था। इसी के साथ शहर में सीवर लाइन डालने का काम भी किया गया था। निर्माण के बाद प्लांट जहां जल निगम को हैंडओवर कर दिया गया था तो वहीं सीवर लाइन नगर पालिका को हैंडओवर कर दी गई थी।
-----
जल निगम के प्लांट का संचालन पालिका द्वारा कराया जा रहा था। मशीनें खराब होने के चलते संचालन बंद हो गया है। इसकी जानकारी जल निगम को दी गई है।
-लालचंद भारती, ईओ नगर पालिका।
एसटीपी के संचालन के लिए शासन ने कोई संस्था निर्धारित नहीं की है। बजट के अभाव में मशीनें भी खराब हो रही हैं। नगर पालिका के सहयोग से इसका संचालन किया जा रहा था, लेकिन इसमें अब समस्या आ रही है। शासन को भी समस्या से अवगत कराया गया है।
विज्ञापन

राजकुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें