सिविल एन्क्लेव के लिए भी शेष जमीन का अधिग्रहण जल्द
ताजनगरी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट योजना को धरातल पर उतराने के लिए कवायद शुरू हो गई है। प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार करने के लिए सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के अतिरिक्त जमीन तलाशी जा रही है। सात दिन में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा दिया जाएगा।
कई सालों से केंद्र और राज्य सरकार के बीच उलझे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही स्थानीय स्तर पर इसे मूर्तरूप देने के लिए मशक्कत शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले इस प्रोजेक्ट के लिए तहसीलदार के माध्यम से सिविल एन्क्लेव के आसपास की जमीन का सर्वे कराया जा रहा है।
सिविल एन्क्लेव को ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिया जाएगा। ताकि विदेशों से सीधे आने वाली फ्लाइटों के आवागमन में कोई दिक्कत न हो। साथ ही यात्रियों की संख्या बढ़ने पर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव न रहे। इसी के लिए जमीन की और तलाश की जा रही है। हालांकि लेखपालों की हड़ताल की वजह से सर्वे कार्य में थोड़ी अड़चन आ रही है। प्रशासन का दावा है कि सात दिन में प्रस्ताव तैयार कर शासन को इसे भेज दिया जाएगा।
सिविल एन्क्लेव के लिए मांगा बजट
खेरिया हवाई अड्डे पर ही प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के लिए भी अब तक पूरी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो पाया है। 24 हेक्टेयर में से सिर्फ 14 हेक्टेयर जमीन का ही अधिग्रहण हुआ है। शेष के लिए बजट की भी समस्या आड़े आ रही है। इसके लिए शासन से बजट मांगा गया है। अब तक प्रशासन 88.33 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही सर्वे कार्य पूरा कर प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा।
- नगेंद्र शर्मा, एडीएम, भू.अ