दो और मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें एक भरतपुर और दूसरा केदार नगर का है। दोनों मरीज एसएन मेडिकल कालेज के डेंगू वार्ड में भर्ती हैं। यहां भर्ती 25 मरीजों में से बाकी की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। डेंगू वार्ड प्रभारी डा. मृदुल चतुर्वेदी ने बताया कि मरीजों का इलाज चल रहा है। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार है। बीमारी में भूख कम हो जाती है। ऐसे में जूस, शिकंजी, दूध लेना ज्यादा फायदेमंद है। दवा लेने के साथ ही भरपूर आराम करें। गुनगुना पानी पीएं।
146 लैब से मंगाई जा रही रिपोर्ट
प्राइवेट पैथोलॉजी लैब से रोजाना संदिग्ध मरीजों का सैंपल स्वास्थ्य विभाग पहुंचता है। सीएमओ डा. बीएस यादव ने बताया कि रोजाना 146 लैब से रिपोर्ट प्राप्त होती है। इसकी एसएन मेडिकल कालेज के वायरोलॉजी लैब जांच कराई जाती है। जहां मरीज भर्ती होता है, उसकी भी मानीटरिंग की जाती है।
प्लेटलेट्स कम होना ही डेंगू नहीं
प्लेटलेट्स कम होना डेंगू होने की पुष्टि नहीं है। वायरल फीवर और प्लेटलेट्स कम होना स्वाभाविक है। प्राइवेट हास्पिटल में कम प्लेटलेट्स के नाम पर मरीजों को भयभीत किया जा रहा है। प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए जंबो पैक चढ़ाकर मरीजों को लूटा जा रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि वायरल फीवर होने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इससे बोन मेरो प्रभावित होता है।
इस स्थिति पर खतरनाक
- ब्लड प्रेशर कम हो जाना
- पेशाब रुक जाना
- शरीर नीला पड़ जाना, ठंडा पड़ जाना
- मुंह-नाक, मलद्वार से खूना आना
गिलोय-तुलसी का काढ़ा फायदेमंद
क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डा. बीबी यादव बताते हैं कि वायरल फीवर में गिलोय-तुलसी का काढ़ा पीना बेहद फायदेमंद है। गिलोय धनवटी, गिलोय चूर्ण और पपीते के जूस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जोड़ों में दर्द के लिए सिंहनाद गुग्गल की दवा ली जा सकती है। पंचकुंड के तेल से जोड़ों की मालिश करने से दर्द से आराम मिलता है।