मैनपुरी। शहर में बिना एनओसी के गैस पाइप लाइन बिछाई जा रही है। कचहरी रोड से आश्रम रोड होते हुए देवी रोड पर गैस की पाइपलाइन डालने का काम चल रहा है। ये कार्य हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) द्वारा कराया जा रहा है। लाइन डाले जाने के दौरान बीते एक महीने में चार बार शहर में पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है।
नगर पालिका का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने बिना एनओसी के ही काम शुरू कर दिया है। ऐसे में उन्हें पता ही नहीं है कि किस स्थान पर जमीन में कौन सी लाइन डाली गई है। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से तो लोगों को केवल पानी के लिए परेशान होना पड़ा है, लेकिन बिजली विभाग की अंडरग्राउंड केबल बड़ी मुसीबत बन सकती हैं। पाइपलाइन डालने के दौरान केबल कहीं क्षतिग्रस्त होती है तो बड़ा हादसा भी हो सकता है।
जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला
नगर पालिका से एनओसी लिए जाने के बारे में जब ईओ लालचंद भारती से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गैस पाइपलाइन डालने के लिए कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। इसी तरह बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता प्रथम मांगेंद्र कुमार अग्रवाल ने भी यही बात कही।
सीवर लाइन भी हो सकती है क्षतिग्रस्त
शहर में सीवर लाइन भी डाली गई है। अधिकांश मोहल्लों में अब सीवर लाइन के कनेक्शन भी हो चुके हैं। ऐसे में गैस पाइपलाइन डालने के दौरान सीवर लाइन भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है। अब तक कहीं सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने नहीं आया है।
इसलिए लेना पड़ता है अनापत्ति प्रमाण पत्र
ऐसा कोई भी कार्य जिसके लिए किसी भी सार्वजनिक स्थान पर तोड़फोड़ की जानी हो, उसके लिए संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी होता है। एनओसी के साथ ही संबंधित विभाग इसकी पूरी जानकारी देता है कि किस रूट पर कहां-कहां और कितनी गहराई में कौन सी लाइनें डाली गई हैं, जिससे खोदाई के दौरान उन्हें क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके।
नगर पालिका और बिजली विभाग को गैस पाइपलाइन डाले जाने की जानकारी दी गई थी। उनकी सहमति के बाद ही काम शुरू कराया गया है। खोदाई के दौरान विभाग का कर्मचारी मौजूद रहने की भी बात संबंधित विभागों ने कही थी। बिना सूचना के काम शुरू कराने की बात गलत है। - हरेंद्र शर्मा, क्षेत्र निर्माण प्रबंधक, एचपीसीएल।