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Driving License: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कठिन हुआ टेस्ट, कार हो या बाइक...आवेदकों को डरा रहा ये रास्ता

Sat, 17 May 2025 10:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा आरटीओ में टेस्टिंग ट्रैक शुरू होने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस का ग्राफ लगातार गिर रहा है। आवेदन करने के बाद भी 70 फीसदी लोग टेस्ट देने नहीं पहुंच रहे हैं। 
 
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टैस्टिंग ट्रैक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) में पिछले 15 दिन में ड्राइविंग लाइसेंस का ग्राफ गिरा है। इसकी वजह टेस्टिंग ट्रैक पर टेस्ट देना माना जा रहा है। पहले प्रतिदिन करीब 300 लाइसेंस बन रहे थे, जो अब घटकर 100 के आसपास रह गए हैं। उसी का नतीजा है कि एक से 15 मई तक 1400 से अधिक स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बने हैं। आवेदन करने के बाद 70 फीसदी लोग टेस्ट देने नहीं पहुंच रहे। 
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5 मई से बदला गया नियम
स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन टेस्ट के मामले में 5 मई से आरटीओ में नियम बदला गया। पुलिस लाइन ग्राउंड के स्थान पर अरतौनी (सिकंदरा) स्थित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर वाहन टेस्ट शुरू किया गया। 4 मई तक पुराने नियम से लाइसेंस बने थे, जिसमें रविवार का अवकाश शामिल रहा। इस हिसाब से तीन दिन में करीब 1200 लाइसेंस बने। जबकि एक से 15 मई तक 1459 लाइसेंस आरटीओ रिकार्ड के हिसाब से बने हैं। इन 11 दिन में मात्र 259 लोगों ने टेस्टिंग ट्रैक पर वाहन सफलता पूर्वक चलाकर दिखाया। 

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तेजी से गिर रहा ग्राफ
एक दिन में करीब 30 लाइसेंस बनाए गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लाइसेंस का ग्राफ कैसे तेजी से गिरा है। आरटीओ में प्रतिदिन लाइसेंस के करीब 150 आवेदन आ रहे हैं लेकिन टेस्ट देने 30 फीसदी लोग पहुंच रहे हैं। आरआई उमेश कटियार बताते हैं कि ट्रैक पर कंप्यूटर की निगरानी में टेस्ट कराया जाता है। वाहन चालक की मामूली सी गलती उसे फेल करा देती है। इस वजह से कम आवेदन टेस्ट में पास हो रहे हैं।

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