अटल बिहारी वाजपेयी के कुल देवी मंदिर परिसर में हवन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
आगरा जिले के बटेश्वर में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूसरी पुण्यतिथि पर रविवार को उनकी कुल देवी मंदिर परिसर में हवन किया गया। सभी ने उनकी यादों को सहेजने का संकल्प लिया।
बटेश्वर में छलकीं अटल की यादें
46 साल पहले बटेश्वर की बदहाली को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उजागर किया था। तब से अब तक बदहाली दूर नहीं हो सकी है। रविवार को द्वितीय पुण्यतिथि पर बटेश्वर के लोगों ने उनकी इन्हीं बातों को याद किया। अटल जी के निधन के बाद उनके स्मृति स्थल सहेजने का खाका तैयार हुआ। पर, रत्तीभर काम नहीं हुआ है।
अटल जी के पारिवारिक भाई रमेश वाजपेयी, भतीजे राकेश वाजपेयी, राम सिंह आजाद, जयेंद्र वर्मा, मुन्नालाल यादव, चरन सिंह यादव, संजू वर्मा आदि अटल जी से जुड़ी यादों का जिक्र कर बोले केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकारें है। उसके बाद भी अटल जी की स्मृतियां सहेजी नहीं जा सकी हैं। यह निराशाजनक है।
भांजी बहू ने किया मानस पाठ
अटल जी की पुण्यतिथि पर उनकी भांजी बहू गंगा देवी ने अखंड मानस पाठ किया। कहा कि दुख होता है कि उनसे जुड़े हुए स्थलों का दो साल बीतने के बाद भी संरक्षण नहीं हो सका है।
खंडहर के रास्ते की हटाई गई सिल्ट
अटल जी की कुलदेवी और उनके खंडहर हुए आंगन के दर्शन को अक्सर लोग आते रहते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए उन्हें दलदल से होकर गुजरना पडता है। रविवार को पुण्यतिथि पर रास्ते का कीचड़ साफ कराया गया।