आगरा में थाना हरीपर्वत पुलिस ने फर्जी फर्म चलाने के आरोप में व्यापारी जितेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। उसने छह-छह हजार रुपये पगार वाले कर्मचारियों के नाम से फर्जी फर्म बनाकर सात बैंक खाते खुलवाए। इनमें 1.5 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन कर चुका था। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर 8 निवासी जितेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया है। उसका कार्यालय संजय प्लेस में था।
रकाबगंज के चक्की पाट निवासी सचिन ने शिकायत की थी कि उसे छह हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी पर रखकर उसके नाम से एक फर्म खोली और उसका चालू खाता एक्सिस बैंक में खुलवाया। बाद में एचडीएफसी और बंधन बैंक में भी खाते खुलवाए। इसी तरह कर्मचारी मनीष के नाम से आईसीआईसीआई बैंक मुंबई, एक्सिस बैंक, बंधन बैंक में खाते खुलवाए। बाद में सचिन के परिचित संतोष और वीरेंद्र के नाम से फर्जी फर्म और फर्जी खाते खुलवाए। इनसे दूसरी फर्मो का लेनदेन किया जा रहा था।
कर्मचारियों की शिकायत पर पकड़ा
सचिन, मनीष, संतोष और वीरेंद्र को बैंक से पता चला कि उनके नाम से खुलवाए खातों में बड़ी संख्या में लेन-देन हो रहा है। यह लेन-देन जीएसटी की चोरी करने के लिए किया जा रहा है। सचिन ने एसएसपी ऑफिस में शिकायत की। मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को लगाया गया। साक्ष्य मिलने पर जितेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। शनिवार को उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि 1.5 करोड़ से अधिक का लेन देन हुआ है। लाखों की जीएसटी चोरी का अनुमान है। जीएसटी अफसरों को सूचना दे दी है।