घटवासन, कमला नगर में सरकार की जमीन को ठिकाने लगाने के मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अधिकारियों द्वारा खंगाली गई फाइल में पता चला कि भूमाफिया ने इस बेशकीमती जमीन का सौदा आगरा से लेकर कानपुर तक के लोगों को किया गया था। शहर के कई लोगों ने भी इसमें इनवेस्टमेंट किया। अब ये सब जांच के दायरे में आ गए हैं।
बता दें कि सदर तहसील के कमला नगर के पास स्थित घटवासन में खसरा नंबर 317 की 14 हजार वर्गमीटर से अधिक शासकीय जमीन है। भूमाफिया ने इसी जमीन का सौदा कर किया है। जबकि 1360 फसली यानी वर्ष 1952 के राजस्व अभिलेखों के मुताबिक पूर्व में यह जमीन बीहड़ में दर्ज थी। नगर निगम बनने के बाद आठ जुलाई 1982 के गजट में इसे नगर निगम की शासकीय जमीन में शामिल कर लिया गया। भूमाफिया ने रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अलग-अलग व्यक्तियों के द्वारा कृषि भूमि दर्शाकर इसके बैनामा, इकरारनामा व मुख्यत्यारेआम कर दिए। जांच में पता चला कि भूमाफिया ने दर्जनभर से अधिक लोगों को यह जमीन बेची। इसमें आगरा के अलावा फिरोजाबाद, हाथरस और कानपुर के तमाम लोग शामिल हैं। महत्वपूर्ण क्षेत्र में सस्ते रेट पर जमीन मिलने के लालच में शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों ने भी इसमें इनवेस्टमेंट किया। रिकॉर्ड के मुताबिक इस शासकीय जमीन का सौदा अशोक और बाबूलाल नाम के व्यक्ति ने किया। तहसील स्तर से इन सभी की जांच कराई जा रही है। अधिकांश बैनामे वर्ष 2015 में किए गए। बता दें कि इस विवादित जमीन की कीमत 180 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है।
सबसे पहले सामने आया था बाबूलाल
शासन की इस जमीन पर कब्जे के लिए सबसे पहले आवास विकास कालोनी निवासी बाबूलाल पुत्र ग्यासीराम ने जमीन पर कब्जे के लिए सामने आया। सदर तहसील में पहली बार 31 अगस्त 2009 को धारा 229 बी में आवेदन किया गया। इस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद से इस पर विवाद शुरू हो गया। मंडलायुक्त द्वारा उनके पक्ष में फैसला दिए जाने के बाद भी तहसील ने इसे स्वीकार नहीं किया।
इन्होंने खरीदी विवादित सरकारी जमीन
. ओमवती पत्नी विद्याराम शर्मा, आदर्श नगर, रकाबगंज, आगरा
. विद्याराम शर्मा पुत्र दुर्गा प्रसाद, आदर्श नगर, रकाबगंज, आगरा
. नगेंद्र राना पुत्र शिव सिंह राना, बमरौली कटारा, आगरा
. प्रतिभा राना पत्नी समीर राना, बमरौली कटारा, आगरा
. तरुन राज पुत्र देशराज सिंह, कृष्णा वाटिका कालोनी, ताजनगरी फेस दो, आगरा
. चंद्रपाल पुत्र होती लाल, धुनपई कलां, फीरोजाबाद
. लल्लन बाबू पुत्र राम प्रसाद, अहियांपुर कलां, हाथरस
. मोहम्मद अरशद पुत्र अब्दुल समद, गांव अमिलो, आजमगढ़
. इश्तियाक अहमद पुत्र स्व. अब्दुल हमीद, गांव अफसरिया, कानपुर देहात
. धीरेंद्र कुमार यादव पुत्र स्व. काली चरन यादव, देवकी नगर, कानपुर
. सुधीर कुमार पुत्र प्रकाश नारायण, शास्त्री नगर, औरैया
. संतोष सिंह चौहान पुत्र शिव नायक सिंह चौहान, गोपाल नगर, कानपुर
एमजी रोड स्थित नजूल की जमीन
को ठिकाने लगाने की तैयारी
आगरा। सरकारी सिस्टम के साथ मिलकर भूमाफिया सरकारी जमीनों पर कब्जा करने में जुटे हैं। घटवासन स्थित नगर निगम की जमीन का मसला सुलझा नहीं कि कुछ लोगों ने प्रशासन की मदद से एमजी रोड स्थित नजूल की जमीन ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली है। सूत्रों की मानें तो मतगणना से पहले ही इस बेशकीमती जमीन पर कब्जे की योजना है। ताकि वर्तमान सरकार के रहते कोई अड़चन न आए। रजिस्ट्री विभाग के भी कुछ लोगों की मिलीभगत है। सभी मिलकर बड़े ‘खेल’ को अंजाम देने में जुटे हैं। कुछ आला अफसरों के निर्देशन में इसे अंजाम तक पहुंचाने की पटकथा तैयार हो रही है। शहर की यह सबसे बेशकीमती जमीनों में से एक है।
अब खुलेंगी तमाम फाइलें, देर शाम तक बैठक
घटवासन, कमला नगर जमीन घोटाले के खुलासे के बाद प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आ गए हैं। एसडीएम सदर योगेंद्र कुमार ने गुरुवार को देर शाम तक तहसील के कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक रात साढ़े आठ बजे तक चली। इसमें उन्होंने तमाम ऐसे मामलों की फाइलें खोलने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों की मानें तो घटवासन ही नहीं, शहर की कई सरकारी जमीनों पर कब्जे हो चुके हैं। अब इन सबकी फाइलें खुलेंगी।
घटवासन वाले मामले में सब रजिस्ट्रार से आख्या मांगी गई है। वह जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
- एसएन राय, डीआईजी स्टांप