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झूठ, फरेब और धोखा: डेटिंग एप ने दिया एड्स... तीन वर्षों में194 समलैंगिक एचआईवी संक्रमित मिले

Sat, 18 May 2024 11:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एक्वायर्ड इम्युनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) गंभीर और लाइलाज बीमारी है, जिसका खतरा वैश्विक स्तर पर बढ़ हुआ देखा जा रहा है। आगरा में भी इसके मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में 194 समलैंगिक एचआईवी संक्रमित मिले हैं। 
 
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एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आगरा में डेटिंग एप के चक्कर में फंसकर लोग ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) से संक्रमित हो रहे हैं। एसएन के एंटीरेट्रो वायरल ट्रीटमेंट ( एआरटी) सेंटर पर तीन वर्षों में 194 समलैंगिक पुरुष एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। काउंसलर डॉ. शीतल तोमर बताती हैं कि पुरुषों से पुरुष में बढ़े एचआईवी संक्रमण का कारण डेटिंग एप बन रहे हैं।
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एचआईवी यानी एड्स एक ऐसी बीमारी है, जिसकी चपेट में लाखों की संख्या में लोग हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन की खोज की जा रही है, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। इसी प्रयास को मजबूत करने के लिए विश्व एड्स वैक्सीन दिवस मनाया जाता है। बताया गया कि पुरुषों से महिलाओं को हुए एचआईवी संक्रमण के अलावा पुरुषों में समलैंगिकता की वजह से एड्स होने के मामले बढ़े हैं।

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एसएन के एआरटी सेंटर ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 175 एचआईवी संक्रमित दवा के लिए आते हैं। एआरटी प्रभारी डॉ. जितेंद्र दौनेरिया का कहना है कि लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करने का काम निरंतर होता है। पर, आज कल के युवा कुछ डेटिंग एप के चक्कर में फंस जा रहे हैं। वर्ष 2024 में जनवरी से अप्रैल तक 15 पुरुषों में समलैंगिक संबंध के कारण एचआईवी संक्रमण पाया गया। इनमें 25 से 35 वर्ष तक के 4 युवा हैं। पिछले वर्ष इनकी संख्या 79 थी। इनमें 37 युवा 25 से 35 वर्ष के रहे।

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अब तक हुए पंजीकरण
आगरा स्थित एआरटी सेंटर पर 2009 से लेकर अब तक 12,568 लोगों ने पंंजीकरण कराए हैं। इनमें 5103 एचआईवी संक्रमितों का इलाज चल रहा है।
जनवरी से दिसंबर तक वर्ष 2022 में 100  समलैंगिक एचआईवी संक्रमित मिले।
जनवरी से दिसंबर तक वर्ष 2023 में 79  समलैंगिक एचआईवी संक्रमित मिले।
जनवरी से अप्रैल तक वर्ष 2024 में 15  समलैंगिक एचआईवी संक्रमित मिले।
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