मैनपुरी के जिला अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की अनदेखी की जा रही है। शुक्रवार को बुखार से पीड़ित होने पर अस्पताल पहुंचे पांच वर्षीय बालक को उपचार नहीं मिल सका। पीड़ित का पिता अस्पताल के चक्कर काटता रहा। बाद में उसने एक परिचित से एक हजार रुपये उधार लेकर बीमार पुत्र को निजी अस्पताल में इलाज कराया।
कुर्रा थाना क्षेत्र के गांव मानपुर पतारा निवासी सूरजपाल शुक्रवार को अपने गांव से पत्नी आशू को जिला महिला अस्पताल में उपचार दिलाने जा रहा था। उनके साथ उनका पांच वर्षीय पुत्र कन्हैया भी था। रास्ते में बस में यात्रा के दौरान कन्हैया को तेज बुखार आ गया और उसका पूरा शरीर कांपने लगा।
सूरजपाल बीमार पुत्र कन्हैया को लेकर सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचा। पीड़ित के अनुसार यहां जब वो कक्ष संख्या पांच में पहुंचे तो यहां मौजूद डॉक्टर ने बच्चे को इमरजेंसी में भर्ती कराने की सलाह दी। जब वो इमरजेंसी पहुंचा तो उनके बच्चे को फिर से पांच नंबर कमरे में भेज दिया।