फिरोजाबाद में थाना लाइनपार के गांव नगला भजन के मजरा नगला आशा में गुरुवार शाम को खाना खाने के बाद महिला और उसकी दो बेटियां अचेत हो गईं। तीनों को ट्रॉमा सेंटर लाया गया। यहां महिला और उसकी सबसे छोटी छह साल की बेटी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अचेत दस साल की बेटी का इलाज चल रहा है।
महिला के पिता ने आशंका जताई है कि या तो मां-बेटियों ने किसी विषाक्त पदार्थ का सेवन किया है या फिर फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुईं हैं। महिला नगला भजन स्थित मायके में अपनी तीन बेटियों के साथ पिता के पास रह रही थी। नगला भजन से सटे मजरा नगला आशा में पिता ने एक महीना पहले ही बेटी के लिए मकान बनवाया था। बड़ी बेटी कोचिंग पढ़ने गई थी और उसने खाना नहीं खाया था इससे बच गई।
थाना लाइनपार के नगला भजन के मजरा नगला आशा में पिंकी देवी (35) पत्नी स्वर्गीय मनोज कुमार अपनी तीन बेटियों मुस्कान (14), साक्षी (दस) एवं अनामिका उर्फ अन्नू (छह) के साथ एक माह से रह रही थी। गुरुवार शाम को उसकी बड़ी बेटी मुस्कान ने खाने में कढ़ी एवं रोटी बनाई थी।
खाना बनाने के बाद वह कोचिंग पढ़ने नगला सदासुख में चली गई थी। कोचिंग पढ़ने के बाद नगला भजन में नाना जगदीश के घर पहुंच गई। गुरुवार शाम को छह बजे करीब सूचना मिली कि उसकी छोटी बहन अन्नू उर्फ अनामिका की तबीयत खराब हो गई है। परिजन पिंकी देवी के मकान पर पहुंचे। यहां अन्नू के साथ-साथ पिंकी और साक्षी भी अचेत पड़ी थीं। तीनों को उपचार के लिए फिरोजाबाद ले गए।
रास्ते में साक्षी को उल्टी हो गई। जबकि पिंकी एवं छोटी बेटी अन्नू को उल्टी नहीं हुई। तीनों को प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने पिंकी देवी और अन्नू को मृत घोषित कर दिया। साक्षी को उपचार के लिए भर्ती कर लिया। परिजन दोनों के शव लेकर गांव पहुंच गए। इस बीच ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को भी दे दी थी।
सूचना मिलते ही सीओ सदर हीरालाल कनौजिया, एसओ लाइनपार महेश सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मौके से मिले खाने के सैंपल लेने के बाद दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मां-बेटी की मौत हो गई है। मृतका के पिता का कहना है कि या तो इन्होंने विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया है या फिर फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुईं हैं। खाने में क्या मिला था इसकी जांच करा रहे हैं। मामले की जांचकर विधिक कार्रवाई की जाएगी। मुकेश चंद्र मिश्र, एसपी सिटी फिरोजाबाद।
पति की मौत के बाद बेटियों के साथ मायके आ गई थी पिंकी
टूंडला के नगला प्रीतम में पिंकी देवी की ससुराल है। पति मनोज की दो वर्ष पूर्व कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद पिंकी ससुराल में अपने हिस्से की जमीन बेचकर अपने मायके (नगला भजन) पिता जगदीश के पास आ गई थी। यहां पिता ने नगला आशा में पांच बीघा खेत सड़क के किनारे खरीद कर दिलाया। खेत में ही मकान बनवाने के साथ उसी में बालू, गिट्टी की टाल खुलवा दी थी। पिंकी चार भाई एवं बहनों में सबसे बड़ी थीं।
सबसे पहले छोटी बेटी की तबीयत हुई खराब, फिर मां की हालत बिगड़ी
ग्रामीणों ने बताया कि शाम का खाना खाने के बाद अनामिका खेल रही थी। इसी दौरान उसकी तबीयत खराब हुई थी। वह बेहोश हो गई। बेटी को गोद में लेकर पिंकी देवी सहला रहीं थीं कि उसकी भी तबीयत खराब होने लगी। वह अचेत हो गई। लोगों को लगा कि शायद बेटी की तबीयत खराब हो जाने के कारण वह अचेत हो गई। इसी दौरान साक्षी भी बेहोश हो गई थी।