आगरा में हाईवे से लेकर पॉश कॉलोनियों तक स्ट्रीट लाइटें खराब होने से अंधेरा छाया रहता है। इसका लाभ उठाकर चोर, उचक्के, लुटेरे सक्रिय हो जाते हैं। आए दिन राहगीरों के साथ लूट, छिनैती की वारदात हो रही हैं।
उत्तर प्रदेश के आगरा में हाईवे से लेकर पॉश कॉलोनियों तक अंधेरा है। इससे इन मार्गों पर वारदात हो रही हैं। दूसरी तरफ नगर निगम भी लापरवाह बना है। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट्स के मरम्मत की कोई समय सीमा नहीं है। जनसूचना अधिकार (आरटीआई) में मांगा गया जवाब भी नगर निगम उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
विज्ञापन
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम प्रबंध निदेशक कार्यालय से असोपा मोड़ तक हाईवे की सर्विस रोड पर एक महीने से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। फिरोजाबाद निवासी समाचार पत्र कर्मी रात 12 बजे पैदल सर्विस रोड से आईएसबीटी बस स्टैंड जा रहा था। अंधेरे का फायदा उठाकर एक्टिवा सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में रोककर शर्ट की जेब से किराए के 150 रुपये लूट लिए।
बालाजीपुरम से अलबतिया तक स्ट्रीट लाइटें बंद
देव नगर वार्ड 52 से पार्षद विवेक तोमर ने बताया कि हाईवे से सटे कालिंदी विहार, मऊ रोड, आनंदी भैरों, तक्षशिला में दो महीने से 50 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। शिकायतें करते-करते थक गए। नगर निगम में सुनवाई नहीं होती। आजमपाड़ा के पार्षद राहुल चौधरी ने बताया कि बालाजीपुरम से अलबतिया तक स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। रास्ते में अंधेरा रहता है।
उनका कहना है कि मरम्मत के लिए कई पत्र लिखे लेकिन आज तक मरम्मत नहीं हो सकी। लाइनमैन नहीं आते। स्ट्रीट लाइटें ठीक करने के लिए सामान व उपकरण तक नगर निगम में नहीं हैं। वहीं, आरटीआई में स्ट्रीट लाइट्स के बारे में नगर निगम पर आधी-अधूरी और गुमराह करने वाली सूचनाएं देने का आरोप हैं।
15 हजार स्ट्रीट लाइटें खराब
पीपल मंडी के पार्षद रवि माथुर का कहना है कि स्ट्रीट लाइट्स के लिए हर साल एक करोड़ रुपये का बजट मिलता है। 15 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। ठेकेदार और इंजीनियर के विरुद्ध लापरवाही पर अफसर आंख मूंदे हुए हैं।
दो दिन में शुरू हो जाएगी मरम्मत
नगर निगम के प्रकाश व्यवस्था प्रभारी पंकज भूषण ने बताया कि नगर निगम में वर्कशॉप बनाई है। दो दिन में मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। खराब स्ट्रीट लाइटें लाकर मरम्मत के बाद उन्हें जहां से लाएंगे वहीं लगा दिया जाएगा।