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श्री पारस अस्पताल प्रकरण: चिकित्सक बोले- निष्पक्ष जांच हो, आईएमए ने सीलिंग प्रक्रिया का जताया विरोध

Wed, 09 Jun 2021 11:30 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि बिना जांच किए ही अस्पताल को सील कर दिया है। यह एकतरफा कार्रवाई है।
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पारस अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्री पारस अस्पताल को सील करने का आईएमए ने विरोध किया है। आईएमए पदाधिकारियों ने ऑनलाइन बैठक कर जांच से पहले प्रशासन की कार्रवाई पर विरोध जताया। जनरल बॉडी की बैठक बुलाई है, इसमें आगे की रणनीति तय करने की बात कही है। 

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अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि बिना जांच किए ही अस्पताल को सील कर दिया है। यह एकतरफा कार्रवाई है। गोल्ड मेडलिस्ट चिकित्सक ऐसा नहीं कर सकता है। पदाधिकारियों से बातचीत करने के बाद बुधवार को जनरल बॉडी की बैठक की जाएगी। इस प्रकरण पर आगे क्या करना है, तभी तय होगा। 

आठ एंबुलेंस से शिफ्ट किए गए मरीज
श्री पारस अस्पताल से मरीजों को शिफ्ट करने के लिए आठ एंबुलेंस लगाई गईं। डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि सभी मरीजों को एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल शिफ्ट किया गया है। कोई मरीज निजी अस्पताल में भर्ती होना चाहता है, तो वह स्वतंत्र है। 

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यह बोले चिकित्सक: 
22 मौतें नहीं हुईं, डीएम ने पुष्टि की है
मरीजों के मारने के मकसद से ऑक्सीजन बंद नहीं की है। वीडियो के आधार पर कहूं तो मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता की जांच करने के लिए ऐसा किया है। उस दिन 22 मौत नहीं हुईं, खुद डीएम ने इसकी पुष्टि की है। -डॉ. अशोक शिरोमणि, वरिष्ठ फिजीशियन

जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाए
इस मामले की न्यायिक जांच कराई जाए। आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्योंकि यह किसी एक चिकित्सक नहीं बल्कि चिकित्सकीय पेशे के भरोसे का सवाल है।  -डॉ. अरुण तिवारी, वरिष्ठ यूरोलॉजिस्टि एंड एंड्रोलॉजिस्ट 

मरीजों के साथ अन्याय न होने पाए
- प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मामला बेहद अति संवेदनशील है। अस्पताल प्रशासन और मरीज में किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।  डॉ. सुनील शर्मा, वरिष्ठ सर्जन

चिकित्सक की मजबूरी रही होगी
लाइलाज बीमारी या जिन मरीजों में बचने की उम्मीद नहीं होती है। परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह किया होगा। मानवीय रूप से यह कष्टदायी है, लेकिन चिकित्सक की मजबूरी रही होगी।  -डॉ. आलोक मित्तल, ईएनटी रोग विशेषज्ञ
 
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घटना शर्मसार करने वाली
- मानवीय दृष्टिकोण से घटना शर्मसार करने वाली है। मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। किसी भी सभ्य समाज में ऐसी घटना स्वीकार नहीं की जा सकती है। सही को सही और गलत को गलत कहने का वक्त है। -डॉ. ओपी यादव, निर्वाचित अध्यक्ष आईएमए 

जांच के बाद ही सही निष्कर्ष
 वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मामले की जांच हो। इसमें विशेषज्ञ भी शामिल किए जाएं। अस्पतालों के मरीजों के रिकार्ड की जांच के बाद ही सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है। -डॉ. जेएन टंडन, पूर्व अध्यक्ष आईएमए

उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
बिना जांच किए अस्पताल सील नहीं किया जाना चाहिए। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उस वक्त ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो रही थी। अपनी नाकामी छिपाने के लिए शासन-प्रशासन डॉक्टरों पर ठीकरा फोड़ रहा है। -डॉ. सुधीर धाकरे, पूर्व अध्यक्ष

बिना जांच के निर्णय उचित नहीं
कोई भी चिकित्सक ऐसा नहीं कर सकता है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिना तथ्यों की जांच किए बिना किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सकता है। -डॉ. आरएम पचौरी, पूर्व अध्यक्ष आईएमए

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