पंजाब में नशे की दवाओं की सप्लाई करने में 12 फर्म में से पांच फर्म और फर्जी होने की आशंका है। फर्जी पते और प्रमाणपत्रों से इनके लाइसेंस बनवाए गए हैं। पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच में यह जानकारी मिली है। जांच में एक फर्म पहले ही फर्जी मिल चुकी है। इसका लाइसेंस भी निरस्त किया जा चुका है।
नशे की दवाओं की जांच कर रही पंजाब पुलिस के दो जवान मंगलवार को आगरा आए थे। इन्होंने औषधि विभाग से 12 फर्म के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इसमें संचालक के नाम, पता और अन्य जानकारी भी हैं। इनके लाइसेंस छह महीने से दो साल पहले कराए गए हैं। एक फर्म की सालाना डेढ़ से दो करोड़ रुपये की बिलिंग दिखाई गई है। प्रारंभिक जांच करते हुए पंजाब पुलिस वापस चली गई है। बताया कि जल्द ही पंजाब पुलिस की तीन-चार टीमें आगरा आकर इनके पते पर जाकर जानकारी करेंगी।
12 फर्म में जय हनुमान फार्मा का भी नाम
पंजाब पुलिस के रडार पर आई 12 फर्म में एक जय हनुमान फार्मा संजय प्लेस भी है। इस फर्म से भी पंजाब में नशे की दवाएं भेजी गई थीं। इसका लाइसेंस लाखन सिंह निवासी पीपलमंडी के नाम से है, जांच में इस पते पर इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला था। इसका लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है।