मध्य प्रदेश, राजस्थान में हो रही बारिश के बीच कोटा बैराज से रविवार को 99 हजार तथा सोमवार को 37 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाह में एक बार फिर चंबल नदी उफान पर है। चेतावनी के निशान 127 मीटर से 7 मीटर नीचे नदी बह रही है। खतरे का निशान 130 मीटर है।
पिछले सप्ताह चंबल नदी 119 मीटर के निशान को छूकर 116 मीटर पर आ गई थी। अचानक नदी का जलस्तर 4 मीटर बढ़ने से तटवर्तीय 38 गांवों के लोग सहम उठे हैं। वहीं, प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है। एसडीएम बाह सृष्टि ने बताया कि पहले से ही 8 बाढ़ चौकियों की कार्य योजना बना ली है। जरूरत पड़ने पर वन विभाग और चंबल सफारी की मोटरबोट को अधिग्रहीत किया जाएगा।
ग्रामीणों को निचले इलाकों में न ठहरने के लिए सतर्क किया गया है। लेखपालों को 24 घंटे नदी के जलस्तर पर नजर रखने की हिदायत दी है। इधर, कछार के खादर की ओर उफान का पानी बहने से ग्रामीण परेशान हैं। बाढ़ के खतरे को लेकर नदी के जलस्तर पर ग्रामीण भी नजर रखे हैं।
चंबल पर बाढ़ चौकी
मंसुखपुरा (4 गांव), पिनाहट (5 गांव), उमरैठा (3 गांव), बासौनी (5 गांव) , सिमराई (2 गांव), भगवानपुरा (2 गांव), खेडा राठौर (5 गांव), नंदगवां (10 गांव) में बाढ़ चौकी बनेंगी। विस्थापित होने वाले गांवों की सूची भी जारी कर दी है।