बाह/किरावली। बेमौसम बारिश से बाजरा, धान और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गई है। अगेती बोई गई सरसों और आलू के खेतों में पानी भरने से भी नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक फसलें गिरने और खेतों में पानी भर जाने से करीब 50-60 फीसदी तक फसलें नष्ट हुई हैं।
बाह, किरावली, बरहन, फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, कागारौल, जैंगारा, बसैरी बैमन, औरंगपुर, कागारौल, बेरी, बीसलपुर, रिठौरी, अकोला, मलपुरा, जारूआ कटरा, बाद, भांङई, ककुआ इटौरा आदि में किसानों ने बताया कि रविवार को हवा चलने से फसलों के गिर जाने से किसान बर्बाद हुआ है। लोगों ने नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
बारिश से क्षेत्र में बहुतायत होने वाली बाजरे की फसल गलने की कगार पर है। ग्राम कृपालपुरा, निबोहरा, पुरा हरसुख, वाजिदपुर, वरना, दारौली के किसानों ने कटाई के लिए तैयार बाजरे की फसल में पानी भरने से दाना सड़ने और गलने की बात कही है। पिनाहट, बरहन, एत्मादपुर, शमसाबाद में भी बाजरे की फसल प्रभावित हुई है। बाह व जैतपुर में खेतों में कटी पड़ी बाजरा की फसल पानी भरने से डूब गई है।
गोभी की फसल बारिश से बर्बाद हुई है। किसानों ने बताया कि कीट ने पहले ही नुकसान किया था। अब बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। वहीं बाह, किरावली, कागारौल, फतेहपुर सीकरी के गांवों में मिर्च, टमाटर, लौकी, तोरई और बैंगन आदि की फसलों को भी नुकसान हुआ है।
बारिश के कारण क्षेत्र में बहुतायत बोई जाने वाली आलू की अगैती फसल को काफी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने इस सप्ताह फसल बोई है उन्हें दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है।