मथुरा जिले में पिछले दो दिन से हो रही बारिश से छाता, मांट, महावन, गोवर्धन तहसील के किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। बारिश से खेतों में कटी तथा खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई है। आलू और लाहा की हाल ही में बोई गई फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। बारिश से बर्बादी के मंजर को देख किसानों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं। प्रशासन ने अभी तक नुकसान का सर्वे तक शुरू नहीं कराया है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है।
तहसील छाता के गांव छाता देहात, भीम नगर रनवारी, लाडपुर, बहरावली, लोधौली, बिजवारी, सांखी, अलवाई, नगला पचावर, अकोस, सोनई, परखम, नगला छीतर, जमालपुर, शहजादपुर गूजर आदि गांवों फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष चरन सिंह जादौन ने टीम के साथ क्षतिग्रस्त फसलों का निरीक्षण किया।
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उनका कहना है कि बारिश से धान, आलू, सरसों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेतों में एक-एक फीट पानी भरा हुआ है। उन्होंने डीएम को ज्ञापन देकर किसानों की फसलों का सर्वे करा कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। चौमुहां, पसौली, परखम, अकबरपुर, तरौली, सिहाना, बढ़ौता, आझई, परखम गुर्जर, सेही, शहदपुर, नौगांव, भरतिया आदि गांवों में धान, कपास, लाहा, आलू की फसलें बर्बाद हो गई हैं।