बेलनगंज रहने वाले 48 साल के दीपक खंडेलवाल ने बताया कि वह और उनकी पत्नी दिन में पांच बार से अधिक काढ़ा पीते हैं, इससे पेट में जलन की शिकायत होने लगी, निगलने में दर्द भी होता, आयुष चिकित्सकों को बताया तो उन्होंने काढ़े के लिए सही अनुपात और दिन में दो-तीन बार ही उपयोग को कहा, अब राहत है।
केस स्टडी दो
रामबाग निवासी देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए काढ़ा नियमित पी रहे हैं। थर्मस में भरकर दुकान पर ले आते और पीते रहते, लेकिन इससे दिक्कत होने लगी, पेट में छाले हो गए, दर्द भी होने लगा। वैद्य से परामर्श लेने पर सही मात्रा बताई, उससे आराम मिला है। अब दिन में दो-तीन बार ही पी रहे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए पीए जा रहे काढ़े के ओवरडोज से पेट में अल्सर और जलन की दिक्कत हो रही है। पेट में जलन और अन्य परेशानी होने पर लोग आयुर्वेद चिकित्सकों से परामर्श ले रहे हैं। जांच में डॉक्टरों ने पाया कि काढ़े की ओवरडोज से यह परेशानी हो रही है।
पेट में जलन और अन्य परेशानी होने पर आयुर्वेद चिकित्सकों के पास पहुंचे लोगों से जब पूछा कि दिन में कितनी बार काढ़ा पीते हैं तो बताया कि पांच से सात बार और एक बार में 200 ग्राम से अधिक, मिश्रण भी अंदाज से बनाया।
आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी डॉ. जेके राणा ने बताया कि काढ़े में लगभग हर मसाले और जड़ी-बूटी की मात्रा 20 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए, गलत मिश्रण से गर्म तासीर होने पर पेट में अल्सर, जलन, बैचेनी और उबकाई जैसी शिकायत होने लगती है। सही मात्रा और अनुपात में काढ़े के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, पेट का स्वास्थ्य और स्फूर्ति रहती है। वजन भी घटता है।
100 ग्राम आयुष काढ़ा बनाने में यह रखें अनुपात
सौंठ : 20 ग्राम
काली मिर्च : 20 ग्राम
तुलसी : 20 ग्राम
दालचीनी : 20 ग्राम
हल्दी : 20 ग्राम
ऐसे तैयार करें काढ़ा
200 मिलीलीटर पानी में मसालों को उबालें और एक चौथाई (50 मिली) पानी होने पर गैस बंद कर दें। सुबह-शाम खाली पेट पीएं। इसमें 10 ग्राम शहद भी मिला सकते हैं। - डॉ. लोकेंद्र प्रताप, आयुष चिकित्सक