आगरा में तीन अक्तूबर को अंत:वासी युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने रविवार को यमुनापार के श्रीमद्दयानंद अनाथालय को सील कर दिया। जांच में कई और अनियमितताएं उजागर हुईं। अनाथालय बगैर पंजीकरण के चल रहा था। यहां बच्चों के साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार हो रहा था। वयस्क भी रह रहे थे।
इस पर अध्यक्ष मान सिंह परमार को नामजद करते हुए प्रबंध समिति के सभी सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। यहां के बच्चों को शाहगंज स्थित बाल सुधार गृह, किशोरी और युवतियों को आशा ज्योति केंद्र भेजा गया है। अवैध रूप से रह रहे सात युवक भी निकाले गए।
सीडीओ जे रीभा, एत्मादपुर की एसडीएम ज्योति राय, डीपीओ लव कुश भार्गव ने रविवार दोपहर को अनाथालय का निरीक्षण किया। दस्तावेजों की पड़ताल और वहां रह रहे बच्चों, युवक-युवतियों से पूछताछ की। प्रबंध समिति के अधिकारी जुवेनाइल एक्ट के तहत पंजीकरण के कागजात नहीं दिखा पाए।