देश के महापुरुषों में शुमार पंडित दीनदयाल उपाध्याय मथुरा के ही राजकीय पुस्तकालय में एक अनजान शख्सियत की तरह हैं। यहां 70 हजार किताबों के खजाने में महज दो ही किताबें पंडित जी से संदर्भित हैं।
बता दें कि पंडित दीनदयाल का अंत्योदय दर्शन आज भारत की राजनीति को दिशा दे रहा है। मोदी सरकार उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प ले रही है, सरकार की नीतियों में पंडित जी के राजनीतिक, सामाजिक और अंत्योदय दर्शन को शुमार किया जा रहा है। नई पीढ़ी पंडित जी को पढ़ना और जानना चाहती है लेकिन राजकीय पुस्तकालय में पंडित से जुड़ा साहित्य ही उपलब्ध नहीं है।
यहां महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, रविंद्र नाथ टैगोर सहित देश के महापुरुषों के जीवन दर्शन से जुड़ी सैकड़ों किताबें भरी हैं। लेकिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में बताने के लिए महज दो पुस्तकें ही है। दिलचस्प बात ये है मथुरा पंडित जी का ग्रह जनपद होने का गौरव भी रखता है।