फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेब से महंगा हुआ प्याज, अब हुआ यह भाव, जानिये आखिर क्या है इसकी वजह

Tue, 24 Sep 2019 01:49 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
प्याज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शहर की थोक और खुदरा सब्जी मंडियों में प्याज सेब से भी महंगा बिक रहा है। सेब के भाव जहां 50 से 60 रुपये प्रति किलो पर हैं, वहीं प्याज 70 रुपये किलो तक बिक रही है। पितृ पक्ष में प्याज का यह भाव है, जबकि मांग में कमी आई है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में प्याज की नई फसल खराब होने से कीमतों में यह उछाल आया है।
विज्ञापन


देश में प्याज की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव में प्याज के थोक दाम 45 रुपये किलो हैं। किसान स्टॉक में रखी प्याज ही बेच रहे हैं। बारिश के कारण नई फसल खराब हो चुकी है। मंडियों में नई प्याज की आवक सितंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू हो जाती थी, लेकिन बारिश से खराब हुई प्याज के कारण मंडियों में आवक ही नहीं है। 

बारिश की वजह से प्रभावित हुई प्याज भी मंडी में है, इसका भाव 28 से 35 रुपये किलो तक है जो खुदरा में 40-50 रुपये किलो तक भी उपलब्ध है। नासिक से आ रही प्याज 45 रुपये में पड़ रही है, इसके साथ उसका भाड़ा और मंडी के खर्चे को देखकर कई आढ़तियों ने प्याज मंगानी ही बंद कर दी है। केवल चार ट्रक प्याज ही सिकंदरा मंडी में आ रही है। मध्य प्रदेश और राजस्थान से ही इन दिनों प्याज की आपूर्ति है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नितिन कोचर, थोक विक्रेता, सिकंदरा मंडी का कहना है कि बारिश के कारण प्याज खराब हो गई है। मंडी में प्याज ही नहीं है। प्याज के हर दिन 12-15 ट्रक रोज आते थे, लेकिन अब केवल तीन से चार ट्रक ही प्रतिदिन आ रहे हैं। यानी प्रतिदिन 80 हजार किलो प्याज ही आ रहा है। दशहरे के बाद ही कीमतों में कमी आ पाएगी।

सब्जियों के दामों में लगातार उतार चढ़ाव हो रहा है तो वहीं फलों के दाम स्थिर हैं। सेब के भाव आवक बढ़ते ही कम हुए हैं। बाजार में सेब का खुदरा भाव 50 से 80 रुपये तक है, वहीं केला 40 रुपये किलो पर बिक रहा है। हरा नारियल प्रति पीस 40 से 50 रुपये के बीच है। पपीता का भाव भी 40 से 50 रुपये है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें