शहर की थोक और खुदरा सब्जी मंडियों में प्याज सेब से भी महंगा बिक रहा है। सेब के भाव जहां 50 से 60 रुपये प्रति किलो पर हैं, वहीं प्याज 70 रुपये किलो तक बिक रही है। पितृ पक्ष में प्याज का यह भाव है, जबकि मांग में कमी आई है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में प्याज की नई फसल खराब होने से कीमतों में यह उछाल आया है।
देश में प्याज की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव में प्याज के थोक दाम 45 रुपये किलो हैं। किसान स्टॉक में रखी प्याज ही बेच रहे हैं। बारिश के कारण नई फसल खराब हो चुकी है। मंडियों में नई प्याज की आवक सितंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू हो जाती थी, लेकिन बारिश से खराब हुई प्याज के कारण मंडियों में आवक ही नहीं है।
बारिश की वजह से प्रभावित हुई प्याज भी मंडी में है, इसका भाव 28 से 35 रुपये किलो तक है जो खुदरा में 40-50 रुपये किलो तक भी उपलब्ध है। नासिक से आ रही प्याज 45 रुपये में पड़ रही है, इसके साथ उसका भाड़ा और मंडी के खर्चे को देखकर कई आढ़तियों ने प्याज मंगानी ही बंद कर दी है। केवल चार ट्रक प्याज ही सिकंदरा मंडी में आ रही है। मध्य प्रदेश और राजस्थान से ही इन दिनों प्याज की आपूर्ति है।