तहसील दिवस, थाना दिवस में सुनवाई न होने की शिकायतों पर सूबे के मुखिया ने लोगों की शिकायतें दूर करने के लिए पोर्टल की सुविधा दी। लेकिन अफसर मुख्यमंत्री के पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली शिकायतों का भी फर्जी निस्तारण दिखा रहे हैं।
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आम लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई की जगह एक दूसरे के विभाग पर टालने के साथ निस्तारण के दावे किए जा रहे हैं, जबकि शिकायतों पर कार्रवाई हो ही नहीं रही है। यही वजह है कि प्रदेश में सीएम पोर्टल की शिकायतों को निपटाने के मामले में जारी रैंकिंग में आगरा फिसड्डी रहा है।
केस-1
नौबस्ता, लोहामंडी रोड पर सीवर लाइन के उफान मारने और सड़क पर बहने की शिकायत मोहन कुमार ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की थी। 31 जनवरी से लेकर अब तक वह पांच बार शिकायत कर चुके हैं।
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मोहन कुमार के मुताबिक उनकी शिकायत पहले नगर निगम भेजी गई, लेकिन बाद में जलकल विभाग को दी गई। उनकी समस्या हर बार निस्तारित दिखाई जा रही है, जबकि सीवर बहने की शिकायत जस की तस है। अफसर लिख देते हैं कि शिकायत दूर हो चुकी, अब दोबारा हो गई तो दूर करा देंगे।
केस-2
श्यामो निवासी विजय सिंह लोधी ने 3 सितंबर को श्यामो-बमरौली कटारा रोड पर जलभराव और गड्ढों की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर कराई थी। ऑन लाइन शिकायत को पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के पास भेजा गया।
विजय सिंह लोधी ने बताया कि 20 सितंबर को उनकी शिकायत निस्तारित दिखाई गई है। इसमें पीडब्ल्यूडी ने सड़क खर्च के लिए एक करोड़ रुपये खर्च होने के प्रस्ताव की जानकारी दी, पर जलभराव, गड्ढों से निजात दिलाने की जगह निस्तारण दिखाया।
केस-3
दिल्ली गेट निवासी डॉ. संजय चतुर्वेदी ने संजय प्लेस में शहीद स्मारक के पास फुटपाथों पर किए गए अवैध कब्जों और अतिक्रमण की शिकायत की थी जो 6 सितंबर को निस्तारित दिखा दी गई।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि 22 अगस्त को उनकी शिकायत आवास विकास को भेज दी गई, जबकि यह क्षेत्र एडीए का है और अतिक्रमण नगर निगम को हटाना है। आवास विकास की रिपोर्ट के बाद शिकायत निस्तारित दिखा दी गई।
लखनऊ स्तर से की जाती है क्रॉस चेकिंग
सवाल: लोगों की शिकायतों का सीएम पोर्टल पर फर्जी निस्तारण किया जा रहा है
जवाब: जो शिकायतें आती हैं, संबधित विभागों को भेजी जाती हैं। अगर शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है तो शिकायत फिर से भेजी जाती है, जब तक निस्तारण न हो जाए
सवाल: मैडम, हकीकत में समस्या बरकरार हैं, पर पोर्टल पर निस्तारित दिख रही है
जवाब: अगर कोई गलत तरीके से शिकायत का निस्तारण दिखा रहा है तो लखनऊ स्तर से और स्थानीय स्तर से क्रास चेकिंग की जाती है। शिकायतकर्ता से ही फीड बैक लिया जाता है। वह उस समय जानकारी दे सकते हैं।
सवाल: कई मामले हैं, जिनमें कई बार की गई शिकायतें भी दूर नहीं हुई
जवाब: पोर्टल पर की गई शिकायत में किसी के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। यह शिकायतें बार बार उसी विभाग को भेजी जाती है, जब तक शिकायतकर्ता की समस्या दूर न हो जाए। जो विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे, उन्हें इसकी जानकारी दी जाती है। - मंजूलता, एडीएम प्रोटोकाल, सीएम पोर्टल प्रभारी
सीएम पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में दो महीने पहले आगरा जिला 64वें नंबर पर आया था। इसके बाद ये फर्जी निस्तारण की शिकायतें आई हैं।