आगरा सदर तहसील में भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे नायब तहसीलदार को हटाया गया है। उन पर दाखिल खारिज के नाम पर एक प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में ये कार्रवाई की गई है।
आगरा में दाखिल खारिज के नाम पर एक प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप में फंसे नायब तहसीलदार सुधीर गिरी को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सदर तहसील से हटा दिया है। सदर से बाह तहसील में संबद्ध किया है। आरोप है कि पैसा नहीं मिलने पर नायब तहसीलदार ने कई मामलों में एक पक्षीय आदेश दिए।
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जिलाधिकारी को इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थीं। कृषि भूमि का दाखिल खारिज में भ्रष्टाचार के आरोप थे। डीएम ने एसडीएम से जांच कराई। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि कमेटी बनाकर जांच कराई गई थी। प्राथमिक जांच में आरोप सिद्ध हुए हैं। नायब तहसीलदार की ओर से दिए गए निर्णयों की समीक्षा के आदेश भी दिए हैं।
शिकायतकर्ता का कहना था कि बिना रिश्वत दाखिल खारिज नहीं किए जा रहे। एक प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा है। कमीशन नहीं देने वाले प्रकरणों में दाखिल खारिज नहीं किए। एडीएम न्यायिक धीरेंद्र कुमार और एसडीएम सदर सचिन राजपूत की जांच में नायब तहसीलदार के विरुद्ध साक्ष्य मिले थे। सदर के अलावा खेरागढ़ व किरावली तहसील में भी दाखिल खारिज से लेकर कृषि भूमि के भूउपयोग परिवर्तन के मामलों में भी नायब तहसीलदार व तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।