उन्होंने पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार राय को फोन करके पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें पत्र के साथ कार्यालय बुलाकर मामले की जानकारी की। पुलिस अधीक्षक ने वहीं से दो पुलिसकर्मी व्यापारी की सुरक्षा में लगा दिए हैं। ये सुरक्षाकर्मी 24 घंटे व्यापारी के साथ रहते हैं।
हटाए गए कर्मचारियों पर शक
व्यापारी उपेंद्र गुप्ता का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है और न ही इससे पहले उन्हें कोई धमकी मिली। ऐसे में पुलिस भी मामला समझ नहीं पा रही है। व्यापारी से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि बीते माह उन्होंने गोदाम पर काम करने वाले कुछ कर्मचारी हटाए थे। हालांकि किसी आरोप में कोई कर्मचारी नहीं हटाया गया। पुलिस के शक की सुई इन्हीं कर्मचारियों पर घूम रही है, शक है कि उनमें से किसी की ये शरारत हो सकती है।
दहशत में है परिवार
पत्र मिलने के बाद व्यापारी और परिवार दहशत में है। पुलिस सुरक्षा मिलने के बावजूद भी व्यापारी उपेंद्र गुप्ता आवास से ही सारे काम कर रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि किसी प्रकार से डरने की जरूरत नहीं है, सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। जल्द ही पत्र भेजने वाले का भी पता कर लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार राय ने कहा कि व्यापारी को बेनामी पत्र भेजकर रंगदारी मांगी गई थी, साथ ही उठाने की धमकी भी मिली है। व्यापारी को सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही मामले की जांच पुलिस कर रही है। जल्द ही पत्र भेजने वाला पुलिस की गिरफ्त में होगा।