उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर शुक्रवार को कैलाश महादेव का भव्य शृंगार चंदन के लेप और सिलबट्टे पर घुटी भांग से किया गया। सावन शिवरात्रि पर अपने आराध्य की ऐसी मनमोहक छवि देख भक्त आह्लादित हो गए। दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए छत्र पूजन भी किया गया।
महंत गौरव गिरि ने बताया कि सावन शिवरात्रि पर रात तक भक्तों की कतार लगी रही। शाम को सिलबट्टे पर घुटी हुई भांग व भांग के पत्ते, चंदन से महादेव का भव्य शृंगार किया गया। इसी के साथ चांदी के छत्र चढ़ाकर पूजन किए गए। शाम को 108 दीपों से महादेव की भव्य आरती की गई। भजन संध्या में शामिल होने के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंचे। वहीं तीसरे सोमवार पर भव्य आयोजन के लिए कैलाश महादेव मंदिर मेले की तैयारियां भी चल रही हैं।
रविवार की शाम खुल जाएंगे पट
कैलाश महादेव महंत निर्मल गिरि ने बताया कि रविवार की शाम को कैलाश मेले का उद्घाटन होगा। इसी के बाद पूरी रात मंदिर के पट खुले रहेंगे। रातभर महादेव के अभिषेक होंगे। सोमवार की रात 10 बजे शृंगार आरती होगी और रात 12 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
सज रहीं दुकानें
मेले को भव्य बनाने के लिए शुक्रवार को सड़क किनारे झूले, भंडारे के पंडाल व खिलौने बेचने की दुकानें सजना शुरू हुईं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से यमुना किनारे बैरिकेडिंग व पार्किंग की व्यवस्था भी कराई।