आगरा। शनिवार 18 अक्तूबर को धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दिवाली महोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन घर के मुख्य द्वार पर चाैमुखी दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। ऐसा करने से यम देव प्रसन्न होते हैं और अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करते हैं।
ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से ही पांच दिवसीय दिवाली पर्व शुरू हो जाता है। व्यापार करने वालों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। व्यवसायी इस दिन साल भर का पूरा हिसाब करते हैं। अपने प्रतिष्ठान को सजाकर मां लक्ष्मी का पूजन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें आयुर्वेद का जनक और देवताओं का चिकित्सक भी माना जाता है।
इन चीजों की करनी चाहिए खरीदारी
शनिवार को प्रदोष तिथि पर धन त्रयोदशी विशेष फलदायी और दुख, भय, रोग एवं पाप नाशक है। इस दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि और भगवान कुबेर का पूजन करना चाहिए। इस बार धनतेरस पर सोने-चांदी की मूर्ति, आभूषण, सिक्के, वाहन, बर्तन, कपड़े, पूजन समग्री, धनिया-नमक, झाडू आदि खरीद सकते हैं। धनतेरस को चाकू, कैंची, पिन, सुई और धारदार चीजों को खरीदने से बचना चाहिए। - पं. वेद प्रकाश प्रचेता, व्यवस्थापक, प्रारब्ध मंथन
शुभ मुहूर्त
पूर्वाह्न 11:43 बजे से 1:17 बजे तक
दोपहर में 3:01 से 5:55 बजे तक
शाम को 7:37 से रात 11:45 बजे तक।
पूनम वार्ष्णेय, ज्योतिषाचार्य
नमक खरीदना होता है शुभ
धनतेरस में नमक खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन किसी भी रूप में नमक किसी को देना नहीं चाहिए। न तो दान में और न ही उधार। घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए इस दिन पांच किलो खड़ा नमक खरीदें और फिर उसे लाल रंग के कपड़े में पोटली बनाकर बांध लें। इस पोटली को रसोई में किसी ऐसे स्थान पर रख दें, जहां किसी की नजर न पड़े। एक साल बाद धनतेरस पर इस पोटली के नमक को किसी जल स्रोत में प्रवाहित कर दें और नई पोटली बनाकर रख दें। ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है।
दीपावली के मौके पर संजय प्लेस स्थित शोरूमों पर की गई भव्य लाइटिंग। संवाद