वार्डन काजल श्रीवास्तव ने बताया कि वृद्धाश्रम में सभी बुजुर्गों को सुबह योगाभ्यास कराया जाता है। दिन में एक बार आयुर्वेदिक काढ़ा दिया जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सकों की ओर से दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
दिन में तीन-चार बार भाप दिलाई जाती है। सामाजिक दूरी, मास्क और हाथों की सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। आश्रित सूरजपाल और ओमनम देव ने बताया कि न तो हम लोग बाहर जा रहे हैं और न ही बाहर का कोई व्यक्ति अंदर आ रहा है। ऐसे में संक्रमण के आने की गुंजाइश न के बराबर है।
क्वारंटीन रूम का नहीं हुआ प्रयोग
किसी तरह की विपरीत परिस्थिति के लिए यहां क्वारंटीन रूम बनाया गया है। ताकि किसी व्यक्ति में लक्षण नजर आने पर उसे अन्य लोगों से अलग कर दिया जाए, लेकिन अभी तक इसके प्रयोग की जरूरत नहीं पड़ी है।