कासगंज जिले में वर्ष 2020 में कोरोना का ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक असर नहीं हुआ। सरकारी आंकड़ों में इस साल कोरोना से जिला में छह मौतें हुई, लेकिन इनमें से एक भी मौत ग्रामीण क्षेत्र में नहीं हुई, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में स्थिति एक दम बदल गई। यह बदलाव पंचायत चुनाव के बाद अधिक हुआ।
मार्च माह से कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने के बाद शहरी व कस्बाई क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित मिल ही रहे थे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिल रहा था। 10 अप्रैल के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के मरीजों के निकलने का जो सिलसिला शुरू हुआ तो उसने रुकने का नाम नहीं लिया।
जिले में दूसरी लहर में अब तक 2022 लोग कोराना संक्रमित मिल चुके हैं। जिनमें लगभग 1000 संक्रमित ग्रामीण क्षत्रों में सामने आए हैं। जिला का शायद ही कोई ऐसा गांव बचा हो, जिसमें कोरोना संक्रमित न मिला हो। इसके साथ ही जिला में अब तक कोरोना से जो मौतें हुई हैं, उनमें 36 ग्रामीणों क्षेत्रों में रहते थे।
कोरोना के लक्षण भी मिल रहे ग्रामीणों में
कासगंज जिले में कराए गए डोर टू डोर सर्वे में भी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों में कोरोना के लक्षण वाले लोग सामने आ रहे हैं। अब तक लगभग 1400 लोगों में कोरोना के लक्षण मिल चुके हैं। इनमें बुखार, सर्दी, खांसी, दस्त, स्वाद जाने सहित अन्य मामले सामने आए हैं।
बुखार व ऑक्सीजन लेवल कम होने से भी हुई हैं मौतें
ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से मौतों के साथ ही बुखार एवं आक्सीजन लेवल कम होने से भी लोगों के मरने के मामले सामने आ चुके हैँ। अब तक ऐसे 15 लोग ग्रामीण क्षेत्रों में मौत के आगोश में समा चुके हैं। जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण अभ्री बुखार आदि की चपेट में हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिला में ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार कोरोना का संक्रमण काफी फैला है। शासन के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सर्वे चल रहा है ताकि संक्रमितों को चिंहित करके उपचारित किया जा सके।