फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: सीईसी के सामने भिड़े अफसर, सच जानने आएगी टीम

विज्ञापन
अमर उजाला में दो जून को प्रकाशित इसी खबर पर सी ई सी ने मेट्रो से जवाबतलब किया
विज्ञापन
आगरा। एमजी रोड और नेशनल हाईवे पर तय संख्या से ज्यादा पेड़ काटने के मामले में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने शुक्रवार शाम को नई दिल्ली स्थित कार्यालय में सुनवाई की। इसमें मेट्रो के अधिकारियों के साथ डीएफओ और एडीए उपाध्यक्ष को तलब किया गया था। सीईसी के सामने ही मेट्रो के अधिकारी और डीएफओ में तकरार हो गई। इस मामले में सीईसी निरीक्षण करने आगरा आएगी।
विज्ञापन

अमर उजाला ने एमजी रोड पर यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की मेट्रो निर्माण योजना में पेड़ काटने की खबर प्रकाशित की थी। खबरों के बाद पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी से शिकायत की। इस मामले में सीईसी ने मेट्रो के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और डीएफओ को तलब किया था।
सीईसी के सामने मेट्रो के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने पेड़ काटने के आरोपों पर इन्कार किया और कहा कि उन्होंने पेड़ नहीं कटवाए। उन्हें पेड़ काटने की जानकारी नहीं है। इस पर डीएफओ ने फोटो के साथ सबूत पेश किए और कहा कि इस मामले में मेट्रो पर चार्जशीट की जा चुकी है।
विज्ञापन

जिन पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं थी, मेट्रो ने उन जगहों पर पेड़ काटे हैं। इस पर सीईसी ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है और जल्द ही टीम मौके का निरीक्षण करके मेट्रो का सच जानेगी।

15 फीट से ऊंचे पेड़ काटे
याचिकाकर्ता और पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता के साथ उनके अधिवक्ता अंशुल गुप्ता और आदित्य पेंगोरिया ने सीईसी से कहा कि एमजी रोड के डिवाइडर पर 15 फिट से ऊंचे पेड़ लगाए गए थे, जो अब नहीं हैं। सीईसी सेटेलाइट इमेज से वर्ष 2020 से अब तक हर साल के फोटो देख सकते हैं। मेट्रो ने एमजी रोड की हरियाली खत्म कर दी।

आगरा कॉलेज में 49 पेड़ काटे गए
सीईसी में आगरा कॉलेज की जमीन पर बाउंड्री बनाने के नाम पर 49 पेड़ काटने के आरोपों पर भी पक्ष सुना गया। शिकायतकर्ता अपूर्व शर्मा ने कहा कि बुलडोजर से पेड़ों को उखाड़ा गया है। डीएफओ ने इसकी पुष्टि की और कहा कि इस मामले में आगरा कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यहां 49 पेड़ काटे गए हैं।

बाग फरजाना में नहीं मिलेगी अनुमति
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष अरुन्मौली से दो मामलों में जवाब मांगा गया। बाग फरजाना में एडीए की जमीन पर 75 फीसदी हरियाली है लेकिन एडीए ने इस जमीन को बेच दिया है। सीईसी ने कहा कि पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खरीदार ने अभी 40 फीसदी पैसा जमा कराया है। एडीए पैसा वापस करे। यहां पुराने पेड़ लगे हुए हैं।

किसान काटते तो पहले ही काट देते
रहनकलां और रायपुर में पेड़ काटने के लिए एडीए उपाध्यक्ष ने किसानों को जिम्मेदार बताया तो सीईसी ने कहा कि किसान काटते तो पहले ही काट देते। वह सालों से काबिज हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने बुलडोजर चालक की जिम्मेदारी बताई। डीएफओ ने कहा कि जो पेड़ काटे गए, उनकी लकड़ी विभाग में मौजूद है। चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सीईसी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द ही निरीक्षण के लिए टीम आएगी और अफसरों की बातों का सच जानेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें