कासगंज। नगरिया की न्यौली चीनी मिल के प्रबंध निदेशक सहित चार अन्य अधिकारियों के खिलाफ गन्ना खरीद में अनियमितता एवं किसानों के बकाया भुगतान को लेकर आवश्यक वस्तु अधिनियम व धोखाधड़ी की धाराओं में मामला पंजीकृत कराया गया है। गन्ना सहकारी समिति के सचिव ने यह मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज करके विवेचना शुरू कर दी है।
जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने टीम के साथ चीनी मिल का 23 दिसंबर को औचक निरीक्षण किया था। मिल गेट पर गन्ना लेकर पहुंचे किसानों से पूछताछ की गई। निरीक्षण के दौरान निर्धारित गन्ना मूल्य से कम पर गन्ना खरीदने की शिकायत मिली। कुछ बाहरी क्षेत्र का गन्ना भी मिल पर पहुंचा था। ऐसी स्थिति को देखते हुए जिला गन्ना अधिकारी के निर्देश पर जिला गन्ना सहकारी समिति के जिला सचिव अशोक कुमार ने अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआईआर चीनी मिल के एमडी कुनाल यादव, अध्याशी हरविंदर सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी डीके श्रीवास्तव, गन्ना प्रबंधक अरुण कुमार, गन्ना यार्ड प्रभारी जगराज के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम व धोखाधड़ी की धाराओं में दर्ज कराई गई है। बताया गया कि चीनी मिल सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किसानों का गन्ना नहीं खरीद रही और किसानों के पुराने बकाए मुल्य का करीब 28 करोड़ रुपये का भुगतान भी चीनी मिल के द्वारा नहीं किया गया है।
चीनी मिल का 23 दिसंबर की रात्रि को निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान गन्ना की खरीद में अनियमितताएं प्रकाश में आईं। किसानों का गन्ना कम मूल्य पर खरीदा जा रहा था। वहीं चीनी मिल द्वारा किसानों के गन्ना मूल्य के बकाए का भुगतान भी नहीं किया जा रहा। जिसके चलते कोतवाली सोरों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। - ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।