ट्रक मालिक ने की थी शिकायत
ट्रक छूटते ही मालिक ने 112 नंबर और पुलिस आयुक्त के सीयूजी नंबर पर फोन मिलाकर अवैध वसूली की शिकायत की थी। पीड़ित पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह के सामने पेश हुआ। पुलिस आयुक्त ने डीसीपी सूरज राय को जांच के आदेश दिए थे। डीसीपी ने अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को सौंपी। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पदम प्राइड चौकी प्रभारी गौरव राठी, एसआई नीरज कुमार और सिपाही रवि कुमार को दोषी पाया गया। तीनों पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है।
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ताजगंज थाने में तैनात है दरोगा
जांच में ताजगंज थाने में तैनात दरोगा की कोई भूमिका नहीं निकली। वह एक दबिश में सिकंदरा क्षेत्र में गया था। साथी पुलिस कर्मियों को देखकर रुक गया था। उसे क्लीनचिट दी गई है। सिकंदरा थाने की पदम प्राइड चौकी पर तैनात रहे चौकी प्रभारी देवव्रत पांडेय भी अवैध वसूली में जनवरी 2023 में निलंबित हुए थे। पांच महीने बाद चौकी इंचार्ज गौरव राठी भी अवैध वसूली में फंस गए।
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चांदी लूट में जेल गए थे इंस्पेक्टर और दरोगा
ट्रक मालिक से वर्दी पहने हुए पुलिस वालों ने बदमाशों के अंदाज में रंगदारी वसूली। यही अपराध किसी साधारण व्यक्ति ने किया होता तो उसके खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया जाता। इस मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं हुआ। उनके खिलाफ सिर्फ निलंबन की कार्रवाई हुई है। विभागीय जांच चलेगी। इसके विपरीत 9 जून को औरेया में चांदी व्यापारी मनीष सोनी से 50 किलोग्राम चांदी लूटी गई थी। पुलिस ने लूटकांड का खुलासा करते हुए कानपुर देहात में तैनात इंस्पेक्टर अजयपाल सिंह, दरोगा चिंतन कौशिक को सहित छह लोगों को जेल भेजा था। आगरा में मुकदमा नहीं लिखकर पुलिस कर्मियों को बड़ी मुसीबत से बचा लिया गया।